कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन को पूरे हुए एक साल, दिल्ली मे अकाली दल का हल्ला बोल

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : केंद्र के तीन कृषि कानूनों को एक साल पूरा होने पर शिरोमणि अकाली दल द्वारा इनके खिलाफ आज दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है। शिअद ने गुरुद्वारा रकाबगंज से संसद तक होने वाले अपने इस प्रदर्शन को ‘ब्लैक फ्राइडे प्रोटेस्ट मार्च’ का नाम दिया है।

 

 

 

शिअद के विरोध मार्च के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है और शंकर रोड इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इसके साथ ही ऐहतियातन दिल्ली से हरियाणा को जोड़ने वाली सीमाओं को भी सील कर दिया गया है और दिल्ली मेट्रो के पंडित श्री राम शर्मा और बहादुरगढ़ शहर मेट्रो स्टेशनों के एंट्री/एग्जिट गेट भी बंद कर दिए गए हैं। मार्च को देखते हुए कई जगहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे सड़कों पर भारी जाम लग गया है।

 

 

 

अकाली दल ने गुरुवार को कहा था कि विरोध मार्च गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से संसद भवन तक निकाला जाएगा जिसका नेतृत्व शिअद प्रमुख सुखबीर बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल करेंगी। तीनों कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद में पारित हुए थे और हरसिमरत ने इनके विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

 

 

 

तीन कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर आज दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में गुरुद्वारा रकाबगंज से संसद तक होने वाले मार्च को देखते हुए गुरुद्वारा रकाबगंज पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने के मौजूदा दिशानिर्देशों के मद्देनजर विरोध मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।

 

 

 

डीसीपी ने बताया कि अकाली दल के सदस्य यहां पर इकट्ठा हुए हैं, इनके नेताओं से अभी हमारी बातचीत चल रही है, हमने इन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।

 

 

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी किसानों के विरोध को देखते हुए झड़ौदा कलां बॉर्डर को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से इस मार्ग के प्रयोग से बचने की सलाह दी है। वहीं, अकाली दल के इस विरोध प्रदर्शन से पहले झंडेवालान-पंचकुइयां मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और रोड पर भारी जाम लग गया है।

 

 

 

शिअद का कहना है कि देशभर में इन काले कृषि कानून के खिलाफ किसानों में रोष है। इन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले करीब 10 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। 17 सितंबर, 2020 को संसद में तीन काले कृषि विधेयक पारित हुए, इसलिए 17 सितंबर को ब्लैक फ्राइडे के रूप में मनाया जा रहा है।

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