यूपी : सिर्फ कागजों में काटे 1.5 लाख कनेक्शन, बिजली सप्लाई जारी

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : लगातार घाटे से जूझ रहे बिजली महकमे में एक और अनियमितता प्रकाश में आई है। राज्य में 1.5 लाख से अधिक अनमीटर्ड बिजली के कनेक्शन छह माह से अधिक समय से कागजों में कटे हुए हैं। विभाग को सूचना मिली है कि अस्थाई डिस्कनेक्शन के बाद भी अधिकांश कनेक्शनों पर बिजली का उपभोग हो रहा है। महकमा इन कनेक्शनों का स्थलीय निरीक्षण कराने जा रहा है। जिसमें पकड़े जाने पर उपभोक्ताओं के साथ ही संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश है।

 

 

तमाम शिकायतें मिलने के बाद पावर कारपोरेशन ने पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और मध्यांचल में छह माह से अधिक समय से डिस्कनेक्ट (विच्छेदित) बिजली कनेक्शनों के मास्टर डाटा का अध्ययन कराया है। मुख्य अभियंता (वाणिज्य) द्वितीय ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज को दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर चारो डिस्काम के निदेशक वाणिज्य को निर्देशित किया गया है कि वह छह माह से अधिक अवधि से अस्थाई रूप से विच्छेदित अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के कनेक्शन का स्थलीय निरीक्षण करते हुए उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करें।

 

 

 

 

जहां भी बिजली का उपभोग करते हुए पाया जाए कार्यवाही करते हुए उन उपभोक्ताओं के घरों पर मीटर लगाए जाएं या फिर स्थाई रूप से कनेक्शन को काट दिया जाए। बताया जाता है कि ऐसे मामलों में उपभोक्ता विभागीय इंजीनियरों व अन्य की मिलीभगत से अस्थाई विच्छेदन कागजों में कराने के बाद भी लगातार बिजली का उपभोग कर रहे हैं। नियम यह है कि अस्थाई विच्छेदन की समयावधि यदि छह माह से अधिक हो चुकी है तो कनेक्शन को स्थाई रूप से काट दिया जाए।

 

 

 

 

बिजली चोरी का शक इसलिए भी गहरा हो गया है क्योंकि इन कनेक्शनों में घरेलू, किसान, दुकानदार (वाणिज्यिक) कनेक्शनों की संख्या ही सबसे अधिक है। छह लघु उद्योग भी इस सूची में शामिल हैं। यूपीपीसीएल चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि अनमीटर्ड कनेक्शन के अस्थाई विच्छेदन की इस गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली चोरी में जहां भी विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत पाई जाएगी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली जोरी करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश हैं।

 

 

 

 

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