यूपी में मौसम विभाग ने 10 जिलों के लिए जारी किया रेड अलर्ट

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार दूसरे दिन आज भी बारिश का खतरा टला नहीं है। मौसम विभाग ने 10 जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। सरकार ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को एहतियातन बंद रखने का आदेश कल ही जारी कर दिया था। मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले तीन दिन तक भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी संभावना है।

 

 

 

कई स्‍थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें बांदा, उन्‍नाव, फतेहपुर, कानपुर, कानपुर देहात, हरदोई, गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया है। गुरुवार को जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए। विमान सेवा बाधित हुई। बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कुल 50 लोगों की मौत हो गई है। कई घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान अवध क्षेत्र में हुआ है। लखनऊ में तीन समेत यहां 21 लोगों की जान चली गई।

 

 

 

 

भारी बारिश की वजह से राजधानी लखनऊ में भी जनजीवन बुरी तरह अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गया है। कल मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गई। निगोहा में एक घर, मोहनलालगंज में तहसील की छत समेत आधा दर्जन घरों की दीवारें ढह गईं। लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। वहीं बाराबंकी के बसायगपुर मजरा ढेमा, खुशेहटी्, महमूदपुर मजरे टिकरा घाट, जेठौती कुर्मियान और रबड़हिया गांव में दीवार व कच्चे मकान गिरने से पिता-पुत्र समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। पेड़ टूटने से लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर डेढ़ घंटे से अधिक जाम लगा रहा।

 

 

 

 

रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से साबरमती ट्रेन हादसे का शिकार होते-होते बची। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाराबंकी का दौरा भी रद्द करना पड़ा। रायबरेली के पोरई, टिकरिया व जायस गांव में सात साल की बच्ची व दो महिलाओं की मौत हो गई। दीवार व छप्पर गिरने से अमेठी जिले में पांच साल की बच्ची समेत दो, अयोध्या के दोस्तपुर व देवगिरी गांव में दो, सुलतानपुर के गोसाईगंज व कोतवाली देहात में दो और सीतापुर के महमूदाबाद में एक बच्ची की जान चली गई। कुछ लोग घायल भी हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसर गया।

 

 

 

 

बारिश ने मध्य यूपी और बुंदेलखंड में भी जमकर तबाही मचाई है। कल फतेहपुर में घरगिरी की घटनाओं में मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दंपति घायल हो गए। बांदा में कच्चा मकान गिरने ने एक युवक की मौत हुई। उन्नाव और ओरैया में भी एक-एक की जान चली गई। इटावा में बारिश के दौरान हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे इटावा जंक्शन समेत आसपास के स्टेशनों पर कई प्रमुख ट्रेनें खड़ीं हो गईं। घरों में पानी भरने से लोग गृहस्थी समेटते दिखे।

 

 

 

 

पूर्वांचल के 9 जिलों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। जौनपुर में कच्चे मकान व पेड़ गिरने से चार और आजमगढ़ में दीवार व पेड़ गिरने से दो की जान चली गई। चंदौली में वज्रपात से किसान की मौत हो गई। भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ और मऊ के कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने से 270 से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित है। चंदौली के आधा दर्जन गांवों में कच्चे मकान ढहने से आधा दर्जन लोग चोटिल हैं।

 

 

 

 

मूसलाधार बारिश ने शहर के कई इलाकों में लगातार दूसरे दिन कहर बरपाया। सुबह से रात तक तेज बारिश का पानी घरों में घुसने से सामान खराब हो गए। मोहल्लों में एक से तीन फीट तक पानी भरने से लोग घरों में कैद रहे। गलियां ताल बनी रहीं। बाई का बाग में बंगाली टोला के घरों में दूसरे दिन भी सुबह से रात तक दो फीट पानी भरा रहा। गलियों में तीन फीट तक पानी भरा था। रामबाग की सड़कें लबालब रहीं। जलभराव के चलते अल्लापुर में बाघंबरी आवास योजना के परिवार घरों में कैद रहे। मटियारा रोड, एलआईसी कॉलोनी के घरों में पानी घुसा। दोनों मोहल्ले की सड़कें भी डूबी रहीं। सीएमपी डिग्री कॉलेज के चारों और लिडिल रोड जलमग्न रहा।

 

 

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान अगले दो दिनों तक यानी 17 व 18 सितंबर को बंद रहेंगे। अब स्कूल सोमवार को खुलेंगे। 18 सितंबर को यूपी बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा का कार्यक्रम यथावत रहेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

 

 

 

 

साथ ही सभी मंडलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को तत्परता से राहत कार्य संचालित करने और आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।

 

 

 

 

कहां-कितनी बारिश
लखनऊ 235
प्रयागराज 199
बाराबंकी 165
मेरठ 168
अयोध्या 168
गोरखपुर 130
वाराणसी 147
बरेली 100
कानपुर 95

 

 

 

 

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