नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, आगरा की मेडिकल छात्रा गिरफ़्तार

स्टार एक्सप्रेस डिलिटल.

आगरा जिला संवाददाता

इज़हार अहमद

एमबीबीएस और बीडीएस के लिए देश भर में आयोजित हुई नीट परीक्षा में अंतरराज्यीय गैंग की सेंधमारी व परीक्षा केंद्र पर सांठगांठ करने वाले रैकेट और सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हो गया है। नीट परीक्षा में एक के बाद एक हो रहे खुलासों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस मामले में जहां वाराणसी में मां-बेटी को गिरफ्तार किया गया है तो वहीं बिहार से अन्य 2 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इसके अलावा राजस्थान में जयपुर के एक केंद्र पर छापा मारकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो आंसर शीट बदलने का सौदा कर रहे थे।

 

कई राज्यों में फैला सॉल्वर गैंग का नेटवर्क, जानिये कैसे करता है काम

 

नीट परीक्षा में यूपी-बिहार से मेडिकल छात्र सहित सॉल्वर गैंग के सदस्य पकड़े जाने के बाद चौंकाने वाला मामला सामने आया कि दिल्ली, यूपी और बिहार सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सॉल्वर गैंग का नेटवर्क फैला हुआ है। यह गैंग 3 टीम के रूप में काम करता है। पहली टीम, नीट परीक्षा में पहली बार अच्छे नंबर लाने वाले छात्रों से संपर्क करती है। दूसरी टीम, नीट परीक्षा में फेल हुए छात्रों का डाटाबेस तैयार करती है। तीसरी टीम पैसों का लालच देकर अच्छे नंबर लाने वाले छात्रों से संपर्क कर फेल होने वाले छात्र को पास कराने का सौदा करती है।

 

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सॉल्वर गैंग का सरगना है पीके

 

पटना का रहने वाला प्रेम कुमार उर्फ नीलेश उर्फ पीके सॉल्वर गैंग का बॉस बताया जा रहा है। सरगना इतना चालाक है कि पुलिस को अब तक इसकी ज्यादा जानकारी या कोई तस्वीर नहीं मिल पाई है। वह ना तो कहीं सोशल मीडिया पर है ना ही हाईटेक फोन का इस्तेमाल करता है। पीके अपने गैंग सदस्यों से संपर्क करने के लिए कोरियर से चिट्ठी भेजता है, ट्रेन यात्रा करता है और जल्दी-जल्दी नंबर बदलने का आदी है।

 

35 लाख में पास कराने की ठेकेदारी

 

जयपुर के एक केंद्र में राजस्थान पुलिस ने छापा मारकर 6 मेडिकल छात्र सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नेट प्रश्नपत्र की आंसर शीट, दलालों के पास से ₹10 लाख बरामद किए गए हैं। जानकारी में सामने आया कि छात्र-छात्राओं को यह आंसर शीट दिए गए थे उनसे 35 लाख रुपए में सौदा हुआ था। बताते चलें कि जयपुर के भांकरोटा के राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होने वाली परीक्षा में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है।

 

आगरा की मेडिकल छात्रा भी गिरफ्तार

 

बताया गया कि इस रैकेट का सरगना चित्तौड़गढ़ में तैनात मेडिकल ऑफिसर राजन गुरु है। वह सरकारी मेडिकल अधिकारी भी है। आगरा से गिरफ्तार होने वाली मेडिकल छात्रा प्राची परमार देहरादून मेडिकल कॉलेज में थर्ड ईयर की छात्रा है। वह जयपुर में दूसरे छात्रों के बदले परीक्षा दे रही थी।

 

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