बहराइच मेडिकल कॉलेज में बुखार के आ रहे 50 फीसद मरीज

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : मौसम बदलने के साथ ही जिले में मौसमी बुखार बहुत तेजी से फैल रहा है, जिससे अस्पताल की ओपीडी चरमरा गई है। डॉक्टर को दिखाने के लिए ओपीडी के बाहर इतनी भीड़ होने लगी है कि वहां मरीजों को संभालना मुश्किल हो रहा है। संक्रमण फैलने की वजह से प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज में लगभग 50 प्रतिशत मरीज सिर्फ बुखार के ही आ रहे हैं। इनमें तमाम मरीजों में डेंगू के लक्षण भी मिल रहे हैं, किन्तु उनकी जांच निगेटिव आ रही है, जिन्हें ठीक होने में लंबा समय लग रहा है।

 

 

 

 

इसका कारण दूषित खान-पान बताया जा रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों को संशाधनों की कमी होने से परेशान होना पड़ता है। वहीं चिकित्सा कर्मचारी भी मरीजों व तीमारदारों से अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। बरसात का सीजन चल रहा है। इस समय बीमारियां तेजी से फैलती हैं। वर्तमान समय में जिले में वायरल बुखार फैला हुआ है। जिससे बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। इनमें 50 प्रतिशत मरीज सिर्फ बुखार से पीड़ित होते हैं।

 

 

 

 

इस समय मेडिकल कॉलेज मरीजों से खचाखच भरा हुआ है। कुछ परिवार ऐसे हैं, जिनके यहां एक से अधिक लोग बीमार हैं। पिछले एक महीने से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की लाइन लग रही है। वायरल बुखार की चपेट में आने पर प्रत्येक डॉक्टर के पास ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की लाइन लगी रहती है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में भारी भीड़ रही। कोरोना गाइड लाइन का लोगों ने खूब मखौल उड़ाया।

 

 

 

 

मरीज व उनके तीमारदारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में चाहे पुरुष अस्पताल हो, महिला अस्पताल हो या चिल्ड्रेन वार्ड यहां मौजूद चिकित्सा कर्मचारियों का मरीजों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं रहता। इसी वजह से अक्सर तीमारदारों व चिकित्सा कर्मचारियों में नोकझोंक होती रहती है। यही नहीं संसाधनों के अभाव के कारण भी मरीज परेशान होते हैं। इमरजेंसी कक्ष में आने वाले मरीजों को जल्दी स्ट्रेचर व ह्वील चेयर उपलब्ध नहीं होता। यदि एक साथ कई मरीज आ गए, तो उन्हें गोद में लेकर अन्दर जाना पड़ता है।

 

 

मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रभाकर मिश्र ने बताया कि स्वच्छता यदि जीवन में उतार लिया जाए, तो आधी से ज्यादा बीमारियां स्वत: समाप्त हो जाएंगी। इन दिनों संक्रमण फैल रहा है। इस दौरान गलत दवा के इस्तेमाल से बचें। पानी ज्यादा पिएं, बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाएं और कोविड टेस्ट जरूर कराएं। यदि बुखार नहीं उतर रहा है, तो डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच कराएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
इस बार मरीजों के ठीक होने में टाइम लग रहा है।

 

 

 

 

 

उन्होंने बताया कि बुखार के मरीजों में डेंगू के कुछ लक्षण पाए जा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट में अभी पॉजिटिव नहीं मिले हैं। वर्तमान में कुल मरीजों में लगभग 50 प्रतिशत मरीज सिर्फ बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अरविन्द शुक्ला ने बताया कि खुद के साथ ही आस-पास के वातावरण को साफ-सुथरा रखें। दूषित पानी व भोजन को न खाएं। बच्चों के बीमार होने पर खुद निर्णय न लेकर बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। इधर-उधर न भटकें, क्योंकि अधूरा ज्ञान होने की वजह से बच्चे परेशान हो जाते हैं। सही दवा, सही मात्रा में सही समय पर यदि ली जाए, तो बच्चों को कोई दिक्कत नहीं होगी।

 

 

 

 

 

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