लोकसभा में प्रश्न काल बिना स्थगन के हुआ पूरा, विपक्षी दलों के सांसदों ने 10 मुद्दों पर उठाए सवाल

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : 19 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को पहली बार लोकसभा में प्रश्न काल बिना स्थगन के पूरा हुआ। इस दौरान विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों पर सदन में हंगामा जारी रखा। बुधवार को सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने पेगासस जासूसी, तेल की कीमतों, कृषि कानूनों समेत अन्य मुद्दों पर हंगामा करने लगे और कुछ सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लिए नारेबाजी भी की।

 

 

 

 

 

विपक्षी दल प्रश्न काल के दौरान पेगासस स्पाइवेयर के जरिए कथित जासूसी से लेकर तीन कृषि कानूनों के मुद्दों को उठाना चाहती थी। सदन की बैठक का पहला घंटा प्रश्न पूछे जाने और उनके उत्तर दिए जाने के लिए आवंटित है। हंगामे के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्न काल को जारी रखा और विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े 10 से अधिक सवाल और पूरक प्रश्न इस दौरान लिए गए।

 

 

 

 

संसद के मौजूदा सत्र में पहले 6 दिन प्रश्न काल के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई। मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दिन भर स्थगित किए जाने से पहले 9 बार स्थगित की गई थी। 9 बार स्थगन के बाद जब शाम 4:30 बजे जैसे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया था। इसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा।

 

 

 

 

 

 

इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं ने बुधवार को पेगासस के मुद्दे पर लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस भी दिया था। पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। मानसून सत्र शुरू होने के बाद अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है।

 

 

 

 

विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा। बुधवार को कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों के नेताओं ने पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने और दबाव बनाने की रणनीति पर बैठक भी की थी।

 

 

 

 

 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में खड़गे के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, शिवसेना के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेलए द्रमुक के टीआर बालू और अन्य दलों के नेता मौजूद थे। इस बैठक के बाद राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों से कहा कि सरकार को पेगासस जैसे संवेदनशील मामले पर संसद में जवाब देना चाहिए।

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