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राजस्थान चुनाव नतीजे LIVE: रुझानों में कांग्रेस 92 सीटों पर आगे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के रुझान आने शुरू हो गए हैं। राजस्थान में 200 में 199 सीटों पर चुनाव हुए। यहां शुरुआती रुझानों में भाजपा को झटका लगता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस 92 सीटों पर आगे चल रही है और बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है। वहीं, भाजपा 82 सीटों पर आगे है। राज्य में बहुमत के लिए 100 सीटें चाहिए। अगर ये रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो एग्जिट पोल्स के अनुमान सही साबित हो जाएंगे। राजस्थान में पिछले 20 सालों से हर पांच साल में सरकार बदलने की परिपाटी रही है।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सीएम पद के दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि दोनों ने कहा है कि यह फैसला हाईकमान करेगा। अशोक गहलोत ने रुझानों के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा, ‘पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तय करेंगे कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा।’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, ’11 दिसंबर को राहुल गाधी जी पार्टी के अध्यक्ष बने थे। आज उनके लिए यह तोहफा है।’

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को 74.12 प्रतिशत वोटिंग हुई। राज्य की कुल 200 में से 199 सीटों पर मतदान हुआ क्योंकि रामगढ़ विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन होने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया था। यहां बहुमत के लिए 100 सीटें जरूरी हैं। यहां 2,274 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है।

– बहुमत के लिए 100 सीटें जरूरी

राजस्थान चुनाव परिणाम / रूझान-2018
दल आगे जीते कुल
भाजपा 92
कांग्रेस 82
बसपा
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी
अन्य 25
कुल 199 199

2013 में ये थे नतीजे

2013 के चुनाव में भाजपा को 163 सीटें मिली थीं और वसुंधरा राजे सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाया गया था। यहां कांग्रेस को केवल 21 सीटें मिली थीं। राष्ट्रीय जनता पार्टी को 4 सीटें और बहुजन समाज पार्टी को 3 सीटें मिली थीं। निर्दलीय विधायकों की संख्या 9 थी।

1 भारतीय जनता पार्टी 163
2 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 21
3 राष्ट्रीय जनता पार्टी 4
4 बहुजन समाज पार्टी 3
5 निर्दलीय 9
कुल 200/200


दोनों पार्टियों ने साधा जातीय-धार्मिक समीकरण

राज्य में 10 फीसदी मुस्लिम आबादी है। पिछली बार भाजपा ने चार मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। लेकिन, इस बार पार्टी ने केवल एक मुस्लिम चेहरे परिवहन मंत्री यूनुस खान को टोंक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के खिलाफ खड़ा किया। समझा जाता है कि पार्टी ने चुनावों में हिंदुत्व को प्रमुख मुद्दे के रूप में उभारने की गरज से ऐसा किया है। इसी कड़ी में भाजपा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभाएं भी करवाईं।

राजनैतिक रूप से प्रभावशाली जाट समुदाय से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 33-33 प्रत्याशियों को खड़ा किया। भाजपा ने राजपूत समाज के 26 लोगों को उम्मीदवारी दी, जबकि कांग्रेस ने इस समाज के एक दर्जन लोगों को प्रत्याशी बनाया। लेकिन पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह का कांग्रेस में जाना भाजपा के लिए झटका माना गया। इसकी भरपाई के लिए उसने कोटा में पूर्व राज परिवार के सदस्य इज्यराज सिंह को पार्टी में लाकर राजपूतों को साधने की कोशिश की। महंत प्रतापपुरी को पोखरण से उम्मीदवार बनाया।

राजस्थान की राजनीति में जाटों को प्रभावशाली तबका माना जाता है। सबसे ज्यादा विधायक इसी वर्ग से आते हैं। फिलहाल राज्य के 30 से ज्यादा विधायक जाट समुदाय से हैं। नागौर, सीकर, झुंझुनू, भरतपुर, जोधपुर जैसे इलाके जाट बेल्ट माने जाते हैं। 199 विधानसभा सीटों में से करीब 60 पर जाट मतदाता प्रभावी हैं।

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