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इस सौदे से एचयूएल को आय और फायदा दोनों मामलों में वृद्धि दोहरे अंकों में पहुंचने की उम्मीद

प्रमुख एफएमसीजी कंपनी एचयूएल (हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड) ने सोमवार को बोला कि उसके बोर्ड ने ग्लेक्सोस्मिथलाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर (जीएसकेसीएच इंडिया) के इक्विटी आधार पर विलय की मंजूरी दे दी है. इस सौदे की मूल्य 31,700 करोड़ रुपये होगी. इस सौदे से एचयूएल को आय और फायदा दोनों मामलों में अपने कारोबार की वृद्धि दोहरे अंकों में पहुंचने की उम्मीद है. यह राष्ट्र के कंज्यूमर गुड्स मार्केट का सबसे बड़ा सौदा है.

इक्विटी आधार के इस विलय सौदे में जीएसकेसीएच के प्रत्येक शेयर के लिए एचयूएल को अपने 4.39 शेयर देने होंगे. जीएसकेसीएच हॉर्लिक्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड समेत कई उपभोक्ता सेहत संबंधी उत्पादों की बिक्री करती है. इस सौदे में जीएसकेसीएच का भारत, बांग्लादेश समेत 20 एशियाई बाजारों का पोर्टफोलियो शामिल है. इस सौदे के बाद यूनिलिवर्स की एचयूएल में हिस्सेदारी 67.2 प्रतिशत से घटकर 61.9 प्रतिशत हो जाएगी.

10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचेगा कारोबार
कंपनी ने एक बयान में बोला कि जीएसकेसीएच के साथ एचयूएल इस मुद्दे पर एक निर्धारित समझौते पर पहुंच गई है. मामले की जानकारी देते हुए एचयूएल के सीएमडी संजीव मेहता ने बोला कि जीएसकेसीएच इंडिया के साथ प्रस्तावित रणनीतिक विलय के साथ ही हम अपना पोर्टफोलियो नयी वर्ग के बड़े ब्रांड में बढ़ाएंगे, जिससे हम अपने ग्राहकों की पोषण से संबंधी मांगों को पूरा कर सकें.

मेहता ने बोला कि अधिग्रहण के बाद हमारा फूड एवं रीफ्रेशमेंट (एफएंडआर) कारोबार बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. साथ ही हम राष्ट्र में एफएंडआर एरिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन जाएंगे. एक बयान के मुताबिक मुख्य रूप से हॉर्लिक्स और बूस्ट ब्रांड के माध्यम से जीएसकेसीएच इंडिया का कारोबार मार्च 2018 को समाप्त हुए साल में 4,200 करोड़ रुपये रहा था.

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