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भारत का विमानन ने अपने चार वर्ष पुराने बॉडी मास इंडेक्स को बदलने का लिया फैसला

भारत का विमानन नियामक महानिदेशालय (डीजीसीए) अंततः अपने चार वर्ष पुराने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मानदंडों को बदलने जा रहा है.
केबिन क्र्यू  कॉकपिट के लिए चलाए जा रहे इस बॉडी मास इंडेक्स फॉर्मूले का डीजीसीए में भारी विरोध था इसे लिंग विरोधी भी माना जाता रहा है. लेकिन जल्द ही इसे एक समान कर दिया जाएगा. बता दें कि बीएमआई इंडेक्स पुरुष चालक दल  केबिन के कर्मचारियों के लिए अलग  महिला चालक दल  क्र्यू सदस्यों के लिए अलग- अलग था. जिसका लंबे समय से महिला कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जा रहा था  इसे भेदभाव वाला भी बोला जाता था.

बीएमआई महिला  पुरुष चालक दल के लिए अलग नियम

बीएमआई यानी बॉडी की लंबाई  वजन के आधार पर फैट की चर्बी तय करने का माप. इससे यह पता चलता है कि बॉडी में वसा कितना है. मई 2014 में जारी डीजीसीए के नियमों  के मुताबिक, पुरुष केबिन चालक दल के लिए जहां यह माप 18-25 साल के लिए सामान्य माना जाता है, जबकि महिला केबिन चालक दल के लिए यह 18-22 साल के लिए ही था.  जिसे अब बराबर कर दिया गया है. पुरुष चालक दल के लिए 25-29.9 का बीएमआई अधिक वजन, 30  उससे ऊपर, मोटापे से ग्रस्त माना जाता है, जबकि महिला चालक दल के लिए 22-27 का बीएमआई अधिक वजन  27  उससे अधिक, फैट की चर्बी माना जाता है.

पुरुषों  स्त्रियों के बीच कोई भेद नहीं होगा

डीजीसीए के ऑफिसर ने बोला कि “हम पायलटों  चालक दल के लिए एक ही बीएमआई सेट करेंगे  पुरुषों  स्त्रियों के बीच कोई भेद नहीं होगा. हमने सुझावों के लिए बोला है लेकिन सभी के लिए, सामान्य बीएमआई 18-25 किए जाने की बात चल रही है  30 से ऊपर बीएमआई समान रूप से मोटापे से ग्रस्त माना जाएगा. ऑफिसर ने बताया कि मानदंड सभी एयरलाइंस पर एकसमान लागू किया जाएगा. मोटे  अधिक वजन वाले सेवा के लिए अनुपयुक्त माने जाते हैं.

हर चार वर्ष  तीन वर्ष पर होगा टेस्ट

ऑफिसर ने बताया कि क्र्यू सदस्यों को इस इंडक्शन टेस्ट से हर तीन  चार वर्ष पर गुजरना होगा. जबकि उन्हें एयरलाइन ज्वाइन करने वाले को मेडिकल टेस्ट के साथ ही सारी गाइडलाइन अनुसरण करनी होगी. फिर चार-चार सालों पर जब तक वह चालीस वर्ष के नहीं होते इसकी जांच की जाएगी  50 साल का होने तक हर तीन वर्ष पर यह जांच की जाएगी.

एयरलाइन केबिन क्रयू के लिए फिट, टेंपररी अनफिट  परमानेंट अनफिट गाइडलाइन के हिसाब से घोषित किया जाएगा. सिर्फ फिट क्रयू के सदस्य ही उड़ान पर जा सकेंगे.  केबिन क्र्यू जो अनफिट पाए जाते हैं उन्हें तीन महीने का समय वजन कम करने के लिए दिया जाएगा  अगर वह दूसरे टेस्ट में भी फेल हो जाते हैं तो उन्हें छह महीने का समय दिया जाएगा.

क्या हैं बीएमआई के वैश्विक नियम 
डॉ अमित गोस्वामी सीनियर कंसलटेंट ने बोला किपुराने नियम के अनुसार जो एयर इंडिया को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है वह अधिक वजन होना है. बता दें कि 18 वर्ष के लोगों के लिए वैश्विक तौर पर नॉर्मल बीएमआई 24.9 किलोग्राम रखा गया है. यदि कोई इस वजन को पार कर जाता है तो उसे अधिक वजन वाला माना जाएगा.

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