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तीन तलाक कहने वालों पर भारी जुर्माना भी लगा सकता है पाक

एक बार में तीन तलाक देने के मामले में पाकिस्तान सरकार भारत के नक्शेकदम पर चलती दिख रही है। एक बार में तीन तलाक देने के खिलाफ भारत सरकार के अध्यादेश लाने से पाक सरकार काफी प्रभावित है। पाकिस्तान इस मामले में भारत से सीख लेकर जल्द ही बड़ा फैसला लेने वाला है।

एक बार में तीन तलाक देने की सूरत में सख्त सजा देने पर कर रहा मंथन
भारत में भले ही राजनीतिक विरोध के चलते यह मामला राज्यसभा में लंबित है लेकिन पाक की काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडोलॉजी (सीआईआई) इस मामले में अहम रिपोर्ट देने वाली है जिसमें न सिर्फ त्वरित तीन तलाक को अवैध और अप्रभावी घोषित किया जाना है बल्कि एक बार में तीन तलाक देने पर सजा का भी प्रावधान रखा जाएगा।

शरीयत के प्रावधानों के तहत इस मामले में सीआईआई जल्द देगा रिपोर्ट
सीआईआई के सदस्य इस संबंध में जनवरी से अपने चेयरमैन डॉ. किबला अयाज के नेतृत्व में प्रासंगिक कानून को लेकर संशोधन पर काम कर रहे हैं। इसी एजेंडे पर मंगलवार देर शाम को होने वाली बैठक में एक बार में तीन तलाक पर फैसला लिया जाना है। पाक अखबार ‘डॉन’ से बात करते हुए डॉ. अयाज ने मुस्लिम समाज के भीतर एक बार में तीन तलाक को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ‘सीआईआई मेें भारत के भीतर इस मुद्दे पर आए फैसले को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ है।पाक काउंसिल को इसी मुद्दे पर ऑल इंडियन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पत्र भी मिला है जिस पर बहस जारी है।’ सीआईआई के एक वरिष्ठ सदस्य ने ‘डॉन’ को बताया कि ‘काउंसिल के सदस्य पाकिस्तान में एक बार में तीन तलाक कहने वालों पर भारी जुर्माना भी लगा सकता है ताकि तलाक संबंधी मामलों में कमी लाई जा सके। काउंसिल के कई सदस्य एक बार में तीन तलाक को शिया और अहले-हदीस स्कूलों के विचारों के मुताबिक पूरी तरह शून्य घोषित करने के पक्ष में हैं।’

भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा
पाक में ट्रिपल तलाक पर सीआईआई जो भी फैसला करेगी वह शरीयत के प्रावधानों और दायरों में रहकर ही किया जाएगा, लेकिन इसके सदस्यों ने अपनी बैठकों में भारत के तीन तलाक पर हुए मामले का गंभीर अध्ययन किया है। सीआईआई ने अपनी चर्चा में भारत के सुप्रीम कोर्ट के इस बारे में फैसले पर भी चर्चा की, जिसमें एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया गया। अब यह संस्था उस पत्र कीक भी जांच कर रही है जो उसे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भेजा है। बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है लेकिन उसने भी माना है कि त्वरित तीन तलाक को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।सीआईआई की रिपोर्ट पर टिकीं नजरें
पाक में तुरंत तीन तलाक पर सजा का प्रावधान नहीं होने के कारण वहां ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। इसी के तहत सरकार ने सीआईआई से इसकी समीक्षा को कहा। इस संबंध में काउंसिल का प्रस्ताव समीक्षा के लिए पाक सरकार को सौंपा जाएगा जिसके बाद इस पर कानून बनाने के लिए काम शुरू हो जाएगा। देश में तीन तलाक एक बड़ा सामाजिक मसला बन गया है। रोजाना मस्जिदों में ऐसी शिकायतें बढ़ी हैं।

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