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कुल 7 फर्मो की जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के बोगस ट्रांजेक्शन का मामला आया सामने

कर चोरी रोकने के लिए वाणिज्य कर मुख्यालय पर गठित रिसर्च सेल के अधिकारियों ने आयरन व स्टील निर्माता कंपनियों द्वारा बोगस ट्रांजेक्शन दिखाकर जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ किया है। अलीगढ़, मिर्जापुर और बुलंदशहर की कुल 7 फर्मो की जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के बोगस ट्रांजेक्शन का मामला सामने आया है।

अब तक की जांच में इस फर्जीवाड़े में प्रदेश की 7 व बाहर की 5 फर्मों का शामिल होना पाया गया है। संभावना है कि अभी कुछ और फर्म भी इसके दायरे में आ सकती हैं। अलीगढ़ के एक फर्म मालिक को जीएसटी चोरी के मामले गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वाणिज्य कर आयुक्त कामिनी रतन चौहान ने मुख्यालय स्तर पर एक ‘रिसर्च सेल’ का गठन किया है। वाणिज्य कर आयुक्त के निर्देश पर सेल के प्रभारी जांइट कमिश्नर संजय पाठक के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने कर चोरी के तरीकों का अध्ययन करने के दौरान पाया कि आयरन व स्टील के धंधे से जुड़ी कई फर्मों द्वारा फर्जी बिल-बाउचर के आधार पर माल मंगाया व भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में टीम ने पाया कि कई फर्में मिलकर एक नेटवर्क के तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर जीएसटी की चोरी कर रही हैं।

इस आधार पर रिसर्च सेल की टीम ने बीते 25 व 26 अक्तूबर को अलीगढ़ की दो निर्माता इकाईयों एलडी गोयल स्टील प्रा.लि. और अग्रवाल फेरो मेटलिक प्रा.लि केअलावा मिर्जापुर की दो इकाईयों इको स्टील्स प्रा.लि. व शांति गोपाल कानकास्ट लिमिटेड और बुलंदशहर के सिकन्दराबाद की निर्माता इकाई हन्नू स्टील्स प्रा.लि. की जांच की थी।

100 अधिकारियों की टीम ने करीब 24 घंटे तक जांच की थी, जिसमें 14 ट्रकों पर लदे करीब 25 करोड़ का माल पकड़ा गया था। जिनपर 8 करोड़ रुपया पेनाल्टी लगाया गया था। जांच में पाया गया कि इन फर्मों द्वारा  पंजाब व गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में जिन वाहनों पर माल भेजना दिखाया गया है उन वाहनों का नंबर मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा, टेम्पो आदि के हैं। इन फर्मों द्वारा 211 वाहनों से माल भेजना दिखाया गया है, लेकिन टोल प्लाजा पर जांच की गई तो मात्र 9 वाहन ही पास हुए पाए गए।

इसी कड़ी में मंगलवार को अलीगढ़ के ताला नगरी स्थित ट्रेडिंग फर्म शिवानी स्टील्स की जांच की गई तो फर्म फर्जी पाई गई और 6.74 करोड़ केबोगस ट्रांजेक्शन का पता चला है। संजय पाठक ने बताया कि इस आधार पर संबंधित फर्म के खिलाफ हरदुआगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और फर्म के मालिक अंकित गर्ग को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी चोरी के मामले में यह पहली गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले सेन्ट्रल टीम ने गिरफ्तारी की थी। उन्होंने बताया कि इस फर्जीवाड़े के खेल में अभी कई और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

अब तक की जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के बोगस ट्रांजेक्शन होने का मामला सामने आया है, जिसके आधार पर करीब 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी हुई है। बोगस ट्रांजेक्शन के नेटवर्क में प्रदेश की कुल 7 व प्रदेश केबाहर की 5 फर्मों का नाम सामने आया है।

बाहरी फर्मों पर कार्रवाई के लिए संबंधित प्रदेश के वाणिज्य कमिश्नरों को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। इसमें पंजाब की 3 व गुजरात की दो फर्में शामिल हैं। अभी तक की कार्यवाही में 8 करोड़ रुपये की पेनाल्टी वसूली गई है, जिसमें मिर्जापुर की फर्मों से 1.71 करोड़, अलीगढ़ की फर्मों से 1.10 करोड़ और सिकंदराबाद की फर्म से 24 लाख (कुल 3.5 करोड़) की वसूली हो चुकी है।

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