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यहां हर एक यात्री को गुलाब का फूल देने के साथ खिलाया लड्डू

प्रयागराज से बंगलूरू के लिए प्रारम्भ हुई हवाई सेवा को लेकर लोकल यात्रियों में बृहस्पतिवार को खासा उत्साह देखने को मिला. अधिकतर यात्रियों का यही कहना था कि अब गार्डन सिटी वे दो दिन में नहीं बल्कि महज ढाई घंटे  में ही पहुंच जाएंगे. उधर बंगलूरू से शाम पौने चार बजे आई फ्लाइट से उतरे मुसाफिरों का बम्हरौली एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया. यहां हर एक यात्री को गुलाब का फूल देने के साथ ही लड्डू खिलाया गया.
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यात्री बोले महज ढाई घंटे में हो गया प्रयागराज का सफर
बंगलूरू से प्रयागराज आए रोहित, रितिका, रिद्धिमा ने बताया कि इस फ्लाइट से प्रारम्भ होने जाने से उनके दो दिन के सफर की बचत हुई. एयरपोर्ट पर जो स्वागत किया गया उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. इंडिगो की  फ्लाइट से अपनी बेटी शौर्या सिंह के साथ प्रयागराज पहुंचे बीजेपी नेता सुबोध सिंह ने बोला कि अभी तक संघमित्रा एक्सप्रेस से यह दूरी 42.20 घंटे में होती थी जो आज महज 2.30 घंटे में ही हो गई है. उधर प्रयागराज से बंगलूरू जाने वाले यात्रियों में खासी बेताबी दिखी. कौशाम्बी के सौरभ, हर्षिता, सिविल लाइंस की वैशाली  जार्जटाउन की प्रीति मिश्रा ने बोला कि कुंभ मेले के पूर्व शहरवासियों को बड़ा तोहफा मिला है.
हर यात्री को गुलाब का फूल देकर  लड्डू खिलाकर किया स्वागत
बंगलूरू के अतिरिक्त दक्षिण हिंदुस्तान के अन्य राज्यों के लिए भी फ्लाइट प्रारम्भ होनी चाहिए. बृहस्पतिवार को कनेक्टिंग फ्लाइट के भी तमाम मुसाफिर रहे. पटना के समीर सिंह, आकांक्षा, आनंद आदि यात्री जेट एयरवेज की पटना-प्रयागराज फ्लाइट से यहां पहुंचे जो शाम को बंगलूरू के लिए रवाना हुए. आईटीआई नैनी से रिटायर हुए बैहराना निवासी प्रेम कुमार अग्रवाल ने बताया कि वह अभी तक वाराणसी से बंगलूरू के लिए फ्लाइट पकड़ते थे, लेकिन आरसीएस स्कीम के तहत अब प्रयागराज से उन्हें यह सुविधा मिलनी प्रारम्भ हो गई. प्रेम कुमार के मुताबिक उन्होंने 3620 रुपये में अपना टिकट बुक करवाया था.
विशाखापट्टनम के अपना अयप्पा को मिला पहला बोर्डिंग पास
इंडिगो की प्रयागराज-बंगलूरू हवाई सेवा का पहला बोर्डिंग पास विशाखापट्नम के अपना अयप्पा को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने दिया. अयप्पा के साथ इंडिगो कर्मियों ने फोटो खिंचवाने के साथ सेल्फी भी ली. एक व्यक्तिगत कंपनी में कार्यरत अयप्पा ने बताया कि वह स्मार्ट सिटी  प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं. इस वजह से उन्हें प्रयागराज आना पड़ता है.बताया कि प्रयागराज से वह बंगलूरू जाएंगे. वहां से देर शाम एक दूसरी फ्लाइट से विशाखापट्नम पहुंचेंगे. बंगलूरू की सेवा प्रारम्भ होने से अब बहुत ज्यादा समय की बचत होगी.

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