एक घंटे तक उलझे रहे स्टाफ-एम्बुलेंस कर्मी

अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद इलाज को रेफर हुआ मरीज

जसवन्तनगर,इटावा। डीएफसीसी अप रेल लाइन के खम्बा नंबर 646/23 के किनारे पर गुरुवार रात करीब 45 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति गंभीर हालत में घायल अवस्था में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायल को सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

सूत्रों के अनुसार,घायल के साथ कोई परिजन या परिचित मौजूद नहीं था। इसी बात को लेकर देर रात सीएचसी में तैनात स्टाफ और एम्बुलेंस कर्मियों के बीच मरीज को सैफई ले जाने को लेकर करीब एक घंटे तक नोकझोंक होती रही। इस दौरान गंभीर रूप से घायल मरीज अस्पताल में ही पड़ा रहा।

मामले की जानकारी जैसे ही सीएचसी अधीक्षक डॉ.वीरेंद्र सिंह को हुई, वह तत्काल अपने आवास से अस्पताल पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए एम्बुलेंस कर्मियों को बिना किसी देरी के घायल को सैफई मेडिकल ले जाने के निर्देश दिए। इसके बाद एम्बुलेंस कर्मियों ने अज्ञात घायल को सैफई पहुंचाकर भर्ती कराया।

हालांकि,इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि इस लगभग एक घंटे की देरी के दौरान घायल की हालत और बिगड़ जाती या कोई अप्रिय घटना हो जाती,तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?

इस संबंध में अधीक्षक डॉ.वीरेन्द्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी से सीएमओ को अवगत करा दिया गया है आगे जो भी आदेश जारी होगा उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

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