RQ-170 Sentinel: अमेरिका का वो सीक्रेट हथियार जो लादेन के बाद अब बना मादुरो का काल
RQ-170 Sentinel: अमेरिका ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो पर नजर रखने के लिए RQ-170 सेंटिनल स्टील्थ ड्रोन का इस्तेमाल किया। जानिए इस गुप्त ड्रोन का इतिहास और इसकी भूमिका।

RQ-170 Sentinel: US ने वेनेज़ुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने और उन्हें न्यूयॉर्क की जेल में डालने के लिए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ शुरू किया था। हालांकि, इस रोमांचक ऑपरेशन में US ने कोई बड़ी मिसाइल इस्तेमाल नहीं की। मादुरो का पता लगाने और उन पर नज़र रखने के लिए, US ने अपने हथियारों के जखीरे का सबसे सीक्रेट और ताकतवर हथियार, ‘RQ-170 सेंटिनल स्टील्थ ड्रोन’ तैनात किया था। इस ड्रोन की मदद से अमेरिका के मादुरो का ‘गेम’ खेलने की बात अब ग्लोबल डिफेंस सर्कल में हॉट टॉपिक बन गई है।
‘अदृश्य’ शिकारी जो रडार को भी दे सकता है चकमा
बता दें कि ‘RQ-170 सेंटिनल’ सिर्फ़ एक मामूली ड्रोन नहीं है ये US का एक जासूसी प्लेन है जो दुश्मन के रडार से अदृश्य रहता है। अपने ‘फ्लाइंग-विंग’ डिज़ाइन और बिना पूंछ वाले स्ट्रक्चर की वजह से यह ड्रोन हवा में अदृश्य रहकर निगरानी कर सकता है। यह ड्रोन बहुत ऊंचाई पर उड़ता है और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल और सीक्रेट जानकारी इकट्ठा करता है। दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगती।
2011 में पाकिस्तान में छिपे ओसामा बिन लादेन को मारने से पहले, US ने कई दिनों तक उसके घर पर नज़र रखने के लिए इसी ड्रोन का इस्तेमाल किया था। अब मादुरो के मामले में भी यही तरीका अपनाया गया है।
लैटिन अमेरिका में पहले से ही एक ‘बेस’ था
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन दिसंबर से ही लैटिन अमेरिका में तैनात था। वेबसाइट ‘द वॉर ज़ोन’ का दावा है कि उसने इस ड्रोन को प्यूर्टो रिको में एक US एयरबेस पर उतरते देखा था। इस ‘स्टील्थ’ ड्रोन का इस्तेमाल 24 घंटे मादुरो की हरकतों पर नज़र रखने के लिए किया जाता था, जिससे US मिलिट्री के लिए सही समय पर हमला करना और मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ना आसान हो गया।
ट्रंप ने सरकारी मदद पाने वाले देशों की लिस्ट जारी की; तीन पड़ोसी, जानें भारत का नाम है या नहीं
जब ईरान ने इस ड्रोन पर कब्ज़ा किया
RQ-170 ड्रोन इतना सीक्रेट है कि US एयर फ़ोर्स इसके बारे में ज़्यादा जानकारी जारी नहीं करती है। हालांकि, 2011 में, ईरान ने अपने एयरस्पेस में घुसे एक RQ-170 ड्रोन को हाईजैक करने और उसे सुरक्षित ज़मीन पर लाने का दावा किया था। बाद में ईरान ने इसकी कॉपी करके अपना ड्रोन बनाने का दावा किया था।



