पर्युषण पर्व का जलधारा महोत्सव के साथ हुआ समापन

दस दिवसीय पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर चल रहे थे विभिन्न कार्यक्रम

जसवंतनगर,इटावा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे दस दिवसीय पर्युषण पर्व का सोमवार को जलधारा महोत्सव के साथ भव्य समापन हुआ। पिछले दस दिनों से मंदिर प्रांगण में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था, जिनमें जैन समाज के धर्मप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

समापन दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा सम्पन्न हुई। इस पावन अवसर पर प्रदीप कुमार संजय जैन परिवार द्वारा शांतिधारा की गई। वहीं भगवान के अभिषेक हेतु जल भरने का सौभाग्य पंकज जैन,मोक्ष जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इस मौके पर चार इन्द्र की भूमिका क्रमशःएकांश जैन आशीष जैन, सौरभ जैन एवं विनीत जैन ने निभाई। इसके पश्चात भव्य जलधारा कार्यक्रम हुआ जिसमें जल, दूध,दही,घी एवं सर्वौषधि की धाराओं कर पुण्य अर्जित किया गया।

भक्ति गीतों की स्वर लहरियों के बीच चौबीसो तीर्थकर की पूजा की गई। आरती मंडल द्वारा प्रस्तुत मधुर गीतों एवं भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करते हुए भगवान का गुणगान करते नजर आए। इस दौरान मंदिर प्रांगण श्रद्धा और उत्साह से गूंज उठा। जलधारा के उपरांत क्षमावाणी पर्व भी मनाया गया। इस अवसर पर समाज के सभी लोगों ने वर्ष भर की भूल-चूक के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की और गिले-शिकवे भुलाकर गले लगकर “मिच्छामी दुक्कड़ं” कहा।

समापन अवसर पर दस दिनों तक आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही सांगानेर से पधारे विद्वान श्रेयांश जैन एवं निखिल जैन का पटका पहनाकर स्वागत किया गया। दोनों विद्वानों ने जैन धर्म के शास्त्रों का वाचन कर मार्गदर्शन प्रदान किया,जिसके लिए समाजजनों ने आभार व्यक्त किया।

इस भव्य आयोजन में नगर के सैकड़ों जैन धर्मावलंबियों ने उपस्थिति दर्ज कर धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आरती मंडल का विशेष सहयोग रहा।

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