कुदरत का कहर: बीस लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर, आपको हिला देगा मौत का आंकड़ा
रावी सतलुज और चिनाब नदियों का कहर जारी

पड़ोसी देश पाक वर्तमान में एक भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भारत से निकलने वाली रावी सतलुज और चिनाब नदियों के बढ़ते जलस्तर ने न सिर्फ भारतीय पंजाब में तबाही मचाई है बल्कि अब पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लाखों लोग अपने घर-बार छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
दो मिलियन से अधिक लोग प्रभावित
पंजाब प्रांत के 2200 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं और लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इस आपदा की मुख्य वजह हाल ही में हुई भारी बारिश और भारत की ओर से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी मानी जा रही है जिससे चेनाब रावी और सतलुज जैसी प्रमुख नदियों में उफान आ गया है। गांव ही नहीं शहरी इलाके भी इससे अछूते नहीं रहे। लाहौर जैसे बड़े शहरों की सड़कें भी पानी में डूबी हुई हैं।
राहत कार्य युद्ध स्तर पर
स्थानीय प्रशासन सेना और अन्य एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। अब तक करीब 7.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इस प्राकृतिक कहर में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है वही सैकड़ों घायल हैं। मवेशी और संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है।
सिंध में ‘सुपर फ्लड’ का अलर्ट
बाढ़ का पानी अब सिंध की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने ‘सुपर फ्लड’ का अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने गुड्डू और सक्कर बैराज का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अनुमान है कि यदि जलप्रवाह 9 लाख क्यूसेक के पार जाता है तो सिंध के करीब 15 जिलों में भारी तबाही हो सकती है। इससे लगभग 16 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं।
भारत पर गंभीर आरोप
इस बीच पाकिस्तान ने भारत पर यह आरोप लगाया है कि वह नदियों में पानी छोड़ने से पहले कोई सूचना नहीं देता जिससे स्थिति को संभालना और भी मुश्किल हो जाता है। पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिन काफी संवेदनशील हो सकते हैं क्योंकि भारत की ओर से एक बार फिर सतलुज और अन्य नदियों में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की आशंका बनी हुई है।



