दशलक्षण पर्व का नवां दिन: उत्तम आंकिचन दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न

सुबह से ही दोनों मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रामपुर। जैन समाज का पावन महापर्व दशलक्षण पर्व नगर में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। गुरुवार को पर्व का नवां दिन उत्तम आंकिचन दिवस के रूप में मनाया गया।

सुबह से ही श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर फूटा महल और श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर शौकत अली रोड पर भक्तों का तांता लगा रहा। सभी ने भगवान की पूजा-अर्चना कर आत्मशुद्धि और संयम का संकल्प लिया। दोपहर बाद आयोजित धर्मसभा में इंदौर और मथुरा से पधारे विद्वानों ने आंकिचन धर्म की महत्ता समझाई।

ब्रह्मचारिणी बबीता एवं ब्रह्मचारिणी प्रज्ञा दीदी (इंदौर) ने कहा कि आंकिचन केवल भोजन या भौतिक सुखों का त्याग नहीं, बल्कि इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्मा की पवित्रता का साधन है।

शास्त्री अंकित जैन (मथुरा) ने कहा कि आंकिचन का वास्तविक अर्थ है सीमित संसाधनों में संतोष पाना। यह धर्म हमें त्याग और संयम का संदेश देता है।

प्रवचनों के उपरांत दोनों मंदिरों में आरती की गई। दीपों की लौ और भक्ति-भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद बच्चों ने नृत्य, भजन और धार्मिक गीत प्रस्तुत किए, जिनसे सभी का मन मोहित हो गया। श्री आदिनाथ मंदिर में 108 दीपकों से विशेष आरती का आयोजन किया गया।

दशलक्षण पर्व का नवां दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। अब पूरे नगर की निगाहें 7 सितंबर दिन रविवार को निकलने वाली श्री जी की भव्य शोभायात्रा पर टिकी हैं। यह शोभायात्रा श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर फूटा महल से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जैन बाग पहुंचेगी और पुनः मंदिर में सम्पन्न होगी।

समाज के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।

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