पौधरोपण एवं देवी-देवताओं के स्वरूप में नृत्य पर रोक को लेकर बैठक

सुलतानपुर। ढेमा मोतिगरपुर स्थित के.आर. इंटरनेशनल स्कूल में पौधरोपण कार्यक्रमों के साथ देवी-देवताओं के स्वरूप में नृत्य कराए जाने पर रोक लगाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में धार्मिक आस्था, सामाजिक मर्यादा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। संस्था अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि समितियों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई है कि भीड़ जुटाने और मनोरंजन के नाम पर देवी-देवताओं के स्वरूप का इस्तेमाल नृत्य के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आस्था के प्रतीकों को मनोरंजन का माध्यम बनाना आपत्तिजनक है।
चंद लोगों की वाहवाही और भीड़ जुटाने के लिए आराध्यों के स्वरूप को सड़कों पर नचाने की परंपरा बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मनोरंजन के लिए नृत्य कराना है तो देवी-देवताओं के बजाय माता-पिता के सम्मान और उनके स्वरूप को आधार बनाया जाए, जिससे समाज में सम्मान और मर्यादा का संदेश पहुंचे।
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऋषभदेव शुक्ला ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। राजकीय शिक्षक संघ सुल्तानपुर के अध्यक्ष लालमणि दुबे, पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. अमित मिश्र तथा संत तुलसीदास पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आर.के. मिश्र ने भी अपने विचार रखे।
विद्यालय प्रबंधक के.आर. राय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर गप्पू सिंह, राज कपूर यादव, अमित वर्मा, शिव कुमार तिवारी, निरूपमा श्रीवास्तव, अमरनाथ यादव, अमर सिंह, विनय वर्मा, सत्य प्रकाश सिंह, हरि शंकर शुक्ला सहित दर्जनों प्रबुद्धजन मौजूद रहे।



