जलपात्र से अनेक पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है- डॉ भारती सिंह

सुलतानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राणा प्रताप कॉलेज इकाई द्वारा विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण का सराहनीय संदेश देते हुए परिसर में पक्षियों के लिए 21 जलपात्र स्थापित किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौरैया जैसे छोटे पक्षी हमारे पारिस्थितिक संतुलन के महत्वपूर्ण अंग हैं। गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। इसके संरक्षण के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं। छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली और शहरीकरण के कारण इनकी संख्या में लगातार कमी आई है, जिसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास भी जलपात्र व दाने की व्यवस्था करें। बी एड़ विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह ने कहा कि जलपात्र रखना एक सरल लेकिन प्रभावी पहल है, जिससे अनेक पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है। इकाई अध्यक्ष अनुभवी सिंह ने कहा कि परिषद सदैव सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है। उन्होंने सभी छात्रों से इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इकाई मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि “गौरैया बचाओ” अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत प्रयास है। उन्होंने सभी से इस पहल को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। अलका मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पक्षियों के लिए जल और दाने की व्यवस्था करना मानवता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। इससे प्रकृति के साथ हमारा संबंध और मजबूत होता है।आर्या मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश, डॉ. भारती सिंह, असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी, डॉ. सीमा सिंह, इकाई अध्यक्ष अनुभवी सिंह, इकाई मंत्री आदित्य मिश्रा, अलका मिश्रा, आर्या मिश्रा, खुशी सिंह, अभिषेक कुमार, श्रद्धा यादव एवं वर्षा यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने गौरैया के लिए जलपात्र एवं दाने रखे।



