गैस और एसिडिटी से तुरंत पाना है छुटकारा, तो आजमाएं रसोई में मौजूद ये 4 असरदार नुस्खे

Home Remedies For Stomach: आजकल खराब खानपान और व्यस्त दिनचर्या का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। समय पर भोजन न करना, देर रात खाना खाना और ज्यादा तला-भुना या फास्ट फूड खाना पेट की परेशानियों को बढ़ा रहा है। पहले जहां ऐसी समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिलती थीं, वहीं अब बच्चे, युवा और कामकाजी लोग भी गैस, एसिडिटी, पेट फूलने और अपच जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
हर छोटी परेशानी के लिए दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय घर में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय रसोई में मौजूद कई मसाले लंबे समय से पाचन को बेहतर रखने के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। हालांकि, गंभीर या लगातार बनी रहने वाली समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
पहला उपाय
भोजन के बाद सौंफ खाने की परंपरा भारत में काफी पुरानी है। इसे केवल स्वाद और ताजगी के लिए नहीं बल्कि पाचन में मदद के लिए भी उपयोग किया जाता है। सौंफ में मौजूद प्राकृतिक गुण पेट में गैस बनने की परेशानी को कम करने और एसिडिटी की जलन को शांत करने में सहायक हो सकते हैं।
भारी भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ चबाई जा सकती है। इसके अलावा सौंफ को पानी में उबालकर हल्का गुनगुना करके पीने से भी पेट के भारीपन में आराम मिल सकता है।
दूसरा उपाय
अजवाइन भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाला एक लोकप्रिय घरेलू उपाय है। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। अचानक गैस या अपच की समस्या होने पर थोड़ी मात्रा में अजवाइन को काले नमक के साथ लेना कई लोगों को राहत देता है।
लेकिन अजवाइन की प्रकृति गर्म मानी जाती है। इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में लेने से परेशानी भी हो सकती है।
तीसरा उपाय
अदरक का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन संबंधी परेशानियों के लिए भी किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट को आराम देने में मदद कर सकते हैं।
पेट फूलना, हल्की मतली या अपच की स्थिति में अदरक की हर्बल चाय या अदरक का छोटा टुकड़ा कुछ लोगों को राहत दे सकता है। हालांकि, जिन लोगों को अदरक खाने से एसिडिटी या सीने में जलन बढ़ती महसूस हो, उन्हें इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
चौथा उपाय
जीरा भारतीय खाने का अहम हिस्सा है। यह केवल स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि पाचन को बेहतर रखने के लिए भी उपयोग किया जाता है। जीरे में मौजूद गुण पाचन क्रिया को सुचारू रखने में मदद कर सकते हैं।
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भुने हुए जीरे का पाउडर मट्ठे में मिलाकर पीना या जीरे को पानी में उबालकर सेवन करना गैस और पेट के भारीपन में उपयोगी माना जाता है। यही कारण है कि भारतीय भोजन में जीरे का इस्तेमाल स्वास्थ्य के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।



