लखनऊ में 8.81 करोड़ की GST चोरी का खुलासा, फर्जी फर्म ने किया बड़ा घोटाला
श्री राम एंटरप्राइजेज के नाम पर 48.99 करोड़ की फर्जी आपूर्ति, एफआईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में GST चोरी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। अलीगंज थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर ने कर विभाग और व्यापार जगत दोनों को चौंका दिया है। सवाल उठता है क्या यह सिर्फ एक फर्जी फर्म की करतूत है या फिर इसके पीछे एक संगठित GST चोरी रैकेट छिपा है?
फर्जी फर्म “श्री राम एंटरप्राइजेज” का पर्दाफाश
राज्य कर विभाग की जांच में पता चला कि “श्री राम एंटरप्राइजेज” नाम की फर्म ने स्क्रैप, कचरे और पेयरिंग के व्यापार के लिए जीएसटीआईएन प्राप्त किया था। मगर इसकी नींव ही फर्जी दस्तावेजों पर रखी गई थी। फर्म ने पंजीकरण के लिए जाली बिजली बिलों का उपयोग किया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब अधिकारी 26 जून, 2025 को सीतापुर रोड स्थित पते पर पहुंचे। वहां न कोई फर्म थी और न ही आसपास के लोगों को इसका कोई अता-पता था।
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बाहरी आपूर्ति में भारी हेरफेर
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म ने मई 2025 के लिए अपने GSTR-1 में 48.99 करोड़ रुपये की बाहरी आपूर्ति दिखाई थी। इस झूठी रिपोर्टिंग के जरिए कंपनी ने 16 अन्य फर्मों को कुल 8.81 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ट्रांसफर किया। फर्म के GSTR-2A/2B रिकॉर्ड में कोई इनवर्ड सप्लाई नहीं थी, जिससे इस पूरे लेन-देन की धोखाधड़ी स्पष्ट हो गई।
एफआईआर दर्ज, आरोपी की तस्वीर और दस्तावेज पेश
राज्य कर विभाग के उपायुक्त की शिकायत पर अलीगंज थाने में एफआईआर संख्या 0185 दर्ज की गई है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत की गई। शिकायत के साथ आरोपी रामभरोसे की तस्वीर, फर्जी बिजली बिल और पंजीकरण प्रमाणपत्र की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं। इस मामले की जांच उप-निरीक्षक विनय कुमार मिश्रा को सौंपी गई है।
इन फर्मों की भी जांच शुरू
जांच में यह भी पता चला है कि “श्री राम एंटरप्राइजेज” अकेली नहीं थी। एसके ट्रेडर्स, डीएसजी एंटरप्राइजेज, जुपिटर सर्विसेज और श्री गणेश एंटरप्राइजेज जैसी कई अन्य कंपनियां इस फर्जीवाड़े से जुड़ी हो सकती हैं। अब अधिकारियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है ताकि पूरे कर चोरी नेटवर्क को उजागर किया जा सके।



