जयपुर में क्षत्रिय जागृति एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, 300 से अधिक प्रतिभाओं और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

जयपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट (रजि.) के तत्वावधान में दिनांक 07 सितंबर 2025 (रविवार) को राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन भवन, सीकर रोड पर क्षत्रिय जागृति एवं सम्मान समारोह का ऐतिहासिक व भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ऋषिपाल सिंह परमार ने की। समारोह में समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में से लगभग 150 छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों पर शील्ड और अपर्णा उड़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, सेना, प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, समाज सेवा, न्याय, प्रोफेशनल, खेलकूद और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 150 से अधिक समाज बंधुओं को विशिष्ट सम्मान से अलंकृत किया गया।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ऋषिपाल सिंह परमार ने समाज को उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा दिलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के चरित्र निर्माण की आवश्यकता है ताकि वे समाज और राष्ट्र दोनों का गौरव बढ़ा सकें। उन्होंने जातिगत आरक्षण को समाप्त करने और EWS आरक्षण को पूरे देश में लागू करने हेतु राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री राज बहादुर सिंह जादौन ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने की अपील की।
समारोह में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शिवराज सिंह शक्तावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भीराणा, राष्ट्रीय संयोजक श्रीमती पिंकी परमार, महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु राठौड़, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम सिंह नरूका, प्रदेश महामंत्री जगत सिंह परमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष राव भान सिंह रामपुरा, युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रूपक सिंह, महिला प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती जीवंत कंवर शेखावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह नाथावत सहित बड़ी संख्या में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं गणमान्यजन शामिल हुए।
समारोह की गरिमा को अखिल भारतीय क्षत्रिय राव राजपूत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री राव प्रहलाद सिंह देवपुरा की विशेष उपस्थिति ने और बढ़ाया।
इस ऐतिहासिक आयोजन ने क्षत्रिय समाज की जागृति, एकता और सम्मान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का सशक्त संदेश न केवल पूरे राजस्थान बल्कि समूचे राष्ट्र तक पहुँचाया।



