जल्दी पहचान, सही उपचार ही टीबी उन्मूलन की कुंजी है: डॉ.आदेश
यूपीयूएमएस सैफई में आधुनिक जाँच से 22 वर्षीय युवक में छिपी टीबी का हुआ सफल निदान

सैफई,इटावा। भारत सरकार के राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित “सघन खोज अभियान के तहत उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई लगातार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कुलपति प्रो.डॉ. अजय सिंह के निर्देशन में विश्वविद्यालय के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी समुदाय स्तर तक पहुँचकर टीबी की पहचान और उपचार सुनिश्चित कर रहे हैं।
इसी क्रम में हाल ही में एक 22 वर्षीय युवक,जो कई दिनों से खून वाली खाँसी (हेमोप्टाइसिस) से पीड़ित था,श्वसन रोग विभाग की ओपीडी में पहुँचा। इससे पहले वह अन्य संस्थानों में उपचार करा चुका था,जहाँ टीबी की जाँच में उसे नकारात्मक बताया गया और बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका।
लगातार लक्षण बने रहने पर यूपीयूएमएस सैफई के विशेषज्ञों ने उसे भर्ती कर गहन जाँच शुरू की। प्रारंभिक ट्रूनैट बलगम जाँच नकारात्मक आने के बावजूद चिकित्सकों ने हार नहीं मानी और उन्नत जाँच तकनीक अपनाते हुए ब्रोंकोस्कोपी कराने का निर्णय लिया।
डीन (फैकल्टी ऑफ मेडिसिन) एवं श्वसन रोग विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.आदेश कुमार,प्रो.डॉ.आशीष कुमार गुप्ता तथा उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा की गई ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन) जाँच में अंततः टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई। समय पर सटीक निदान होने के बाद मरीज का उपचार तुरंत डॉट्स सेंटर,यूपीयूएमएस सैफई में प्रारंभ कर दिया गया।
चिकित्सकों के अनुसार
“कई बार पारंपरिक जाँचों में टीबी छिपी रह जाती है। ऐसे मामलों में उन्नत तकनीकों का उपयोग जीवनरक्षक साबित होता है। समय पर सही जाँच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।”
यह मामला दर्शाता है कि सही समय पर विशेषज्ञ जाँच,आधुनिक तकनीक और समर्पित चिकित्सा टीम गंभीर बीमारियों के सफल उपचार में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यूपीयूएमएस में श्वसन रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में मरीजों को आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएँ, विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क टीबी उपचार सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि कोई भी टीबी रोगी पहचान और उपचार से वंचित न रहे जिसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा आसपास के गांव में सघन खोजी अभियान चलाया जा रहा है और लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा रही है।
जनमानस से अपील
टीबी के लक्षण जैसे दो सप्ताह से अधिक खाँसी, बलगम या खून आना, बुखार,वजन घटना या कमजोरी दिखाई दें तो तुरंत जाँच कराएँ। जल्दी पहचान,सही उपचार ही टीबी उन्मूलन की कुंजी है।



