राजा हरिश्चंद्र-बलि की कथा सुन श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम शाहजहांपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास पूनम शास्त्री ने सत्य,धर्म और त्याग के प्रतीक राजा हरिश्चंद्र तथा दानवीर राजा बलि की प्रेरणादायक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा हरिश्चंद्र ने विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा,जबकि राजा बलि ने अपने वचन की रक्षा के लिए भगवान वामन को तीन पग भूमि दान कर अद्वितीय त्याग और समर्पण का परिचय दिया।

कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को जीवन में सत्य,ईमानदारी,दान, सेवा और धर्म का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अहंकार का त्याग और प्रभु के प्रति अटूट श्रद्धा ही जीवन को सफल बनाती है। राजा हरिश्चंद्र और राजा बलि के चरित्र आज भी समाज को सत्य,कर्तव्यनिष्ठा और परोपकार का संदेश देते हैं।

कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर कथा श्रवण करते रहे। भगवान के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की तथा प्रसाद ग्रहण किया।

Related Articles

Back to top button