कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय इटावा में गरजे, कहा- सत्ता परिवर्तन बाद हर अधिकारी का होगा हिसाब

इटावा: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को जेल में मिलने से रोका, धरना देकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

(विजयेंद्र तिमोरी)

इटावा। जेल में बंद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने जेल के बाहर रोक दिया। इससे अजय राय भड़क गए,कांग्रेस नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ जेल के बाहर ही धरने पर बैठ गए,सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

अजय राय ने कहा प्रदेश में अफसर सत्ता के चमचे बनकर काम कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। कार्यालयों में तोड़फोड़ की जा रही है। बेकसूर कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है। लेकिन ये लोग भूल गए हैं कि जब सत्ता बदलेगी तो एक एक का हिसाब किया जाएगा। एक सितंबर को जिले में कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन में सदर विधायक सरिता भदौरिया भी शामिल थीं। उसी समय हंगामा होने लगा,पत्थरबाजी हुई।

बीजेपी कार्यकर्ता,कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी के विरोध में नारेबाजी करने लगे। जवाब में कांग्रेसी भी नारेबाजी करने लगे। दोनों तरफ से हो रही नारेबाजी तीखी बहस और फिर झड़प में बदल गई। इसके बाद नगर पालिका चौराहे पर भाजपा विधायक पर हमले का आरोप लगाकर बीजेपी नेता धरने पर बैठ गए। कांग्रेसियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

भाजपा नेत्री की तहरीर पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित,नगर अध्यक्ष राशिद खान,पूर्व जिलाध्यक्ष मलखान सिंह और पूर्व नगर अध्यक्ष पल्लव दुबे समेत 9 लोगों पर एफआईआर किया गया। शांतिभंग के आरोप में कांग्रेसी नेताओं को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत सभी 9 नेता सेंट्रल जेल में बंद हैं। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ इटावा सेंट्रल जेल पहुंचे। लेकिन जेल प्रशासन ने अजय राय को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद वो गेट पर ही धरने पर बैठ गए। जहां वो साढ़े 11 बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक धरने पर बैठे रहे। लेकिन उन्हें जेल के अंदर नहीं जाने दिया गया। जिसके बाद वो कांग्रेस कार्यालय चले आए। धरना दे रहे अजय राय ने कहा कांग्रेस पदाधिकारियों को जानबूझकर जेल भेजा गया है और जिला प्रशासन पूरी तरह सत्ता के दबाव में काम कर रहा है।

भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हंगामा कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की जा रही है। प्रशासन की पक्षपातपूर्ण नीति के तहत काम कर रहा है।

उन्होंने कहा-कांग्रेसियों ने किसी पर जानबूझकर हमला नहीं किया,न ही पत्थरबाजी की। यदि किसी को चोट लगती तो मुकदमा दर्ज करना उचित होता, लेकिन यह सब सुनियोजित तरीके से कांग्रेस संगठन को दबाने की साजिश है। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तरों पर तोड़फोड़ कर रहे हैं और जब कांग्रेस कार्यकर्ता इसका विरोध करते हैं तो उन्हें फर्जी मुकदमों में जेल में डाल दिया जाता है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा जेल कांग्रेसियों के लिए नई बात नहीं है। महात्मा गांधी के समय से कांग्रेस अन्याय और तानाशाही के खिलाफ लड़ती रही है और आज भी लड़ेगी। प्रशासन को सरकार की चाटुकारिता छोड़कर निष्पक्ष रवैया अपनाना चाहिए,वर्ना आने वाले समय में परिणाम भुगतने होंगे।

केंद्र सरकार के द्वारा जीएसटी स्लैब को कम करने के सवाल पर अजय राय ने कहा वोट चोरी का मुद्दा सरकार के माथे पर चिपक गया है,जिस कारण जीएसटी कम करके जनता को भ्रमित किया जा रहा है जबकि स्लैब से जनता का कोई भी भला नहीं होने वाला। प्रधानमंत्री ध्यान भटकाने के लिए न जाने कहां कहां घूम रहे हैं,कभी जापान जा रहे हैं तो कभी कहीं और इटावा शहर में पार्टी कार्यालय पर अजय राय ने कहा-डीएम, एसएसपी,जेल प्रशासन सरकार के पक्ष में काम कर रहे हैं। अगर वह बाहर के व्यक्ति थे,तो जो लोग जेल में बंद हैं उनके परिवार वाले हमारे साथ हैं,उनको भी जेल प्रशासन ने मिलने नहीं दिया। ऐसे में सेंट्रल जेल में उनको प्रताड़ित किया जा रहा है,कार्यालय में कितने पत्थर पड़े हैं,जो भाजपा नेताओं ने फेंके हैं। सरकार हम पर कितना भी जुल्म कर ले,लेकिन कांग्रेस के बब्बर शेर डरने वाले नहीं हैं। 2027 में यूपी में 100 फ़ीसदी सत्ता परिवर्तन होगा।

उन्होंने कहा हम भी न्यायालय की शरण लेकर भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे।

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