भुना हुआ या उबला, जानिए मानसून में आपके पेट के लिए कौन सा भुट्टा है सबसे बेस्ट

Benefits Of Eating Corn in Hindi: रिमझिम फुहारों के बीच कोयले पर सिंके हुए गरमा-गरम भुट्टे का स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है। बरसात के दिनों में समोसे-पकौड़ों जैसे ऑयली फूड की तुलना में मक्का एक बेहतरीन और पौष्टिक स्नैक माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, जरूरी मिनरल्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आंखों को फायदा पहुंचाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत की स्थिति के अनुसार इसे खाने का तरीका भी बदलना चाहिए? गलत तरीके से खाया गया भुट्टा सेहत को फायदा पहुंचाने के बजाय पेट की परेशानियां बढ़ा सकता है।
एसिडिटी और गैस की समस्या में कैसा हो चुनाव
जिन लोगों को अक्सर पेट फूलने, गैस या भारीपन की शिकायत रहती है, उन्हें कोयले पर भुना हुआ कड़ा भुट्टा खाने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में उबला हुआ मक्का सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। उबलने के बाद इसके दाने काफी मुलायम हो जाते हैं जिससे इन्हें चबाना और पचाना शरीर के लिए बेहद आसान हो जाता है। हालांकि, इसे पकाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसे पानी में बहुत ज्यादा देर तक न उबालें, वरना इसके जरूरी विटामिंस पानी में ही घुलकर नष्ट हो सकते हैं।
कमजोर पाचन तंत्र वाले लोग बरतें यह सावधानी
अगर आपका पेट जल्दी खराब हो जाता है या कब्ज की शिकायत रहती है, तो एक बार में पूरा भुट्टा खाने की गलती बिल्कुल न करें। कमजोर डाइजेशन वाले लोगों को हमेशा कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए। आप एक बार में आधा भुट्टा खाएं या एक छोटी कटोरी उबले दाने लें। जब आपका शरीर इसे आसानी से पचाने लगे, तब धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं। एक साथ ज्यादा मात्रा में फाइबर लेने से पेट में मरोड़ या भारीपन हो सकता है।
डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न खाएं भुना मक्का
ब्लड शुगर के मरीजों को भुट्टा खाते समय सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भाप में पका (स्टीम्ड) या हल्का उबला हुआ मक्का ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। आग पर सीधे भुने हुए भुट्टे का स्टार्च बहुत जल्दी टूटता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसके विपरीत, स्टीम्ड मक्का खाने से शुगर अचानक नहीं बढ़ती। शुगर के मरीज एक बार में सिर्फ एक छोटा भुट्टा या आधा कप दाने ही डाइट में शामिल करें।
आंखों की रोशनी के लिए स्टीम्ड मक्का है वरदान
अगर आप अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और मक्के के पोषक तत्वों का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे भाप में पकाकर खाएं। रिसर्च बताती है कि पानी में देर तक उबालने की तुलना में भाप में पकाने से मक्के के भीतर मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे जरूरी तत्व सुरक्षित रहते हैं। यह तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने और उन्हें कमजोर होने से बचाने में मदद करते हैं।
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स्वाद के चक्कर में न बिगाड़ें सेहत का खेल
बाजार में मिलने वाले भुट्टों पर आजकल भारी मात्रा में मक्खन, चीज और तीखे मसालों की कोटिंग की जाती है। यह एक्स्ट्रा फैट और सोडियम मक्के के प्राकृतिक गुणों को खत्म कर देते हैं। इसके अलावा, कोयले पर बहुत ज्यादा जले हुए काले हिस्से को खाने से भी बचना चाहिए। भुट्टे का असली फायदा लेना है तो इस पर हल्का सा नींबू और सेंधा नमक लगाएं और इसके प्राकृतिक स्वाद का आनंद लें।



