महराजगंज कस्बे में जाम के झाम में फंसा तहसीलदार का वाहन

प्रशासनिक उदासीनता के कारण दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है जाम की समस्या

राजेश मिश्रा, संवाददाता स्टार एक्सप्रेस

महराजगंज, रायबरेली। वोट और नोट के चक्कर में महराजगंज कस्बे की जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। आलम यह है कि मुख्य बाजार, तहसील मार्ग, बछरावां मार्ग व रायबरेली मार्ग पर रोजाना घंटों जाम लगा रहता है। आश्चर्य तो इस बात का है कि सबसे ज्यादा जाम पुलिस चौकी से लेकर तहसील गेट के सामने तक लगता है ।इस समस्या का मुख्य कारण रिक्शाओं का उल्टा सीधा खड़ा होना दुकानदारों का सड़क तक कब्जा होना।

मंगलवार दोपहर को तो जाम के झाम में तहसीलदार का वाहन भी फंस गया, जिसके बाद अर्दली को वाहन से नीचे उतरना पड़ा हालांकि थोड़ी देर में ही जाम से निजात मिल गयी।

स्थानीय लोगों व राहगीरों के अनुसार कस्बे में जाम की मुख्य वजह कस्बे में सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से सड़क पर खड़े रहते हैं और सवारियों के लिए बीच सड़क पर ही रोक देते हैं। वहीं मुख्य बाजार और तहसील गेट के सामने दोपहिया और चार पहिया वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। फुटपाथ और नाली के ऊपर अवैध रूप से दुकानें और ठेले लगे होने से सड़क पर दो वाहन एक साथ नहीं निकल पाते। जिससे थोड़ी -थोडी देर में कस्बे में जाम लग जाता है।दो माह पूर्व कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे प्रदेश में शहर से लेकर छोटे कस्बों तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। लेकिन महराजगंज नगर पंचायत में अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर कूड़ा निस्तारण वाली गाड़ी में लाउडस्पीकर लगा मुनादी कराकर इतिश्री कर ली गई।

आखिर कौन है जिम्मेदार ?

जाम से निजात दिलाने की जिम्मेदारी पुलिस, प्रशासन और नगर पंचायत तीनों की है, लेकिन तीनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और नगर पंचायत द्वारा कभी-कभी मुनादी करवा दी जाती है और कागजों में अतिक्रमण हटाओ अभियान दिखा दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। सुबह अभियान चलता है और शाम तक फिर वहीं स्थिति बन जाती है।

व्यापारी और राहगीर परेशान

रोजाना लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं। लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट / एसडीएम से कस्बे में स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने और ई-रिक्शा के लिए अलग स्टैंड निर्धारित करने की मांग की है।

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