तेल या शैम्पू नहीं, आपके बाल झड़ने की असली वजह है शरीर की ये छिपी बीमारी

how to stop hair loss: एक सामान्य इंसान के रोजाना 40 से 50 बाल गिरना बिल्कुल नॉर्मल माना जाता है, मगर परेशानी तब शुरू होती है जब नए बाल आना बंद हो जाएं और सिर की त्वचा दिखने लगे।
चौंकाने वाली बात यह है कि जो समस्या पहले 40-50 की उम्र के बाद दिखती थी, वह अब 30 साल से कम उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। भारत के कई शहरों में खानपान, लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस की वजह से युवा कम उम्र में ही हेयर थिनिंग और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो हर बार हेयर फॉल की वजह बाहरी प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही कोई मेडिकल गड़बड़ी होती है। यदि बाल तेजी से गुच्छों में गिर रहे हैं, तो महंगे तेल या सप्लीमेंट्स खरीदने से पहले अपने शरीर के इन मुख्य संकेतों पर ध्यान दें।
1. आयरन और प्रोटीन की कमी (एनीमिया)
शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी होने पर बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। खासतौर पर महिलाओं और शाकाहारी युवाओं में यह समस्या आम है। अगर बाल झड़ने के साथ आपको अक्सर थकान, कमजोरी, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज महसूस होती है, तो यह एनीमिया हो सकता है। ऐसे में बिना सीबीसी या फेरिटिन टेस्ट कराए कोई भी सप्लीमेंट लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है।
2. थायरॉइड डिस्फंक्शन
गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि हमारे मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स को कंट्रोल करती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक, हाइपोथायरॉइडिज्म या हाइपरथायरॉइडिज्म—दोनों ही स्थितियों में बाल सूखे, पतले होकर तेजी से टूटने लगते हैं। यदि हेयर फॉल के साथ अचानक वजन बढ़ना या घटना, अत्यधिक ठंड लगना, कब्ज और स्किन का रूखापन बना हुआ है, तो तुरंत थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट कराएं।
3. स्ट्रेस और न्यूट्रिशन डेफिशिएंसी
आहार में जिंक, बायोटिन और पर्याप्त प्रोटीन की कमी से बालों का जीवन चक्र छोटा हो जाता है। इसके अलावा लंबे समय तक बना मानसिक तनाव या कोई पुरानी बीमारी भी बालों को रेस्टिंग फेज (टेलोजन एफ्लुवियम) में धकेल देती है, जिससे बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।
4. जेनेटिक्स और फैमिली हिस्ट्री
यदि आपके परिवार में माता-पिता या दादा-नाना को कम उम्र में गंजेपन की समस्या रही है, तो एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया के लक्षण आप में भी जल्दी उभर सकते हैं। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खों के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से शुरुआती दौर में ही मेडिकल गाइडेंस लेना सबसे सुरक्षित उपाय है।
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लगातार बढ़ते हेयर फॉल को रोकने का सबसे सही तरीका यही है कि किसी भी वायरल नुस्खे या महंगे ट्रीटमेंट पर पैसा लुटाने से पहले डॉक्टर से मिलकर सही ब्लड टेस्ट कराएं और समस्या की असली जड़ का इलाज करें।



