ग्राम प्रधानों से संवाद कर डीएम ने सुनी समस्याएं

अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश

सुलतानपुर। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में गुरुवार को पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में जनपद के ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों ने गांवों में विकास कार्यों के संचालन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

संवाद के दौरान ग्राम प्रधानों ने नाली एवं चकरोड निर्माण, उपजिलाधिकारी एवं पुलिस स्तर से अपेक्षित सहयोग, जल जीवन मिशन के तहत टोटी से संबंधित समस्याओं सहित कई स्थानीय मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों के विकास में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि किसी भी स्तर पर समस्या आने पर वे सीधे उन्हें अवगत करा सकते हैं।

डीएम ने ग्राम पंचायतों में सोलर पैनल स्थापित कराने के लिए भी प्रधानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इससे ग्राम पंचायतें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। जिला योजना से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने नाली एवं चकरोड निर्माण जैसे कार्यों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों में वह स्वयं प्रतिभाग करेंगे और ग्राम प्रधानों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे। जल जीवन मिशन के संबंध में उन्होंने ग्राम प्रधानों से वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि पेयजल व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का प्रभावी निस्तारण कराया जा सके।

गौआश्रय स्थलों और विद्यालय भवनों का मुद्दा भी उठा

संवाद कार्यक्रम में जयसिंहपुर क्षेत्र के ग्राम प्रधान ने गौआश्रय स्थलों से संबंधित समस्याएं उठाईं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वहीं मलिकपुर बखरा के ग्राम प्रधान ने विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण एवं निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात से पूर्व जिन विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण कराया गया है, वहां शेष भवनों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि वह ग्राम चौपालों में भी स्वयं प्रतिभाग करेंगे, ताकि ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने ग्राम प्रधानों को बताया कि आधारभूत सुविधाओं अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए वे जनता दर्शन में उनसे सीधे मिल सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ग्राम प्रधान को किसी अवर अभियंता अथवा अन्य अधिकारी-कर्मचारी द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है या विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न की जाती है तो इसकी जानकारी तत्काल उन्हें दी जाए। ऐसी शिकायतों का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा।

सीएम डैशबोर्ड में तीसरी रैंक पर सीडीओ की सराहना

जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर जनपद को प्रदेश में तीसरी रैंक प्राप्त होने पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों से सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से संपन्न कराने की अपेक्षा की। उन्होंने 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले स्वच्छता अभियान एवं वी.बी.जी.-राम जी योजना से संबंधित कार्यक्रमों को गंभीरता और प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम एवं डीपीआरओ ने भी आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों और कार्ययोजना के संबंध में ग्राम प्रधानों को जानकारी दी।

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