महंगे इंटीमेट वॉश भी नहीं दिला रहे राहत, जानें वजाइना में खुजली की असली वजह

Vagina itching and burning causes: महिलाओं के प्राइवेट पार्ट यानी वजाइना में कभी न कभी खुजली, सूजन या जलन की समस्या होना बेहद आम है, लेकिन यह परेशानी इतनी असहज होती है कि पूरा दिन बेचैनी में बीत जाता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए अक्सर महिलाएं बाजार में मिलने वाले महंगे इंटीमेट क्लींजर, वॉश और विज्ञापनों में दिखने वाली क्रीम्स का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इसके बावजूद कई बार कोई खास फर्क नहीं पड़ता।

जाने-माने गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर नुपुर का कहना है कि वजाइना में खुजली और जलन अधिकांश महिलाओं में एक कॉमन समस्या है, जिसके पीछे कई चिकित्सीय कारण होते हैं। सही समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर इसके मूल कारणों का इलाज करना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सके।

क्या है वुल्वोवजाइनल इंफेक्शन और इसके सामान्य लक्षण

वुल्वोवजाइनल इंफेक्शन एक ऐसी स्थिति है जिसमें वजाइना के बाहरी हिस्से यानी वल्वा और योनि मार्ग में संक्रमण फैल जाता है, जिसके कारण लगातार तेज खुजली और जलन की समस्या बनी रहती है। इस तरह के इन्फेक्शन को आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि शरीर इसके कई शुरुआती संकेत देता है।

इसके मुख्य लक्षणों में योनि के आसपास असहनीय खुजली और जलन होना, असामान्य या बहुत ज्यादा मात्रा में वेजाइनल डिस्चार्ज होना, डिस्चार्ज का रंग, उसका गाढ़ापन या उसकी गंध में बदलाव आना शामिल है। इसके अलावा, पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द महसूस होना और सेक्स के दौरान असहजता या दर्द होना भी इसी इंफेक्शन के प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्यों होता है यह संक्रमण, जानिए इसके 3 मुख्य कारण

डॉक्टर नुपुर के अनुसार, वजाइना में होने वाले इस संक्रमण के पीछे कई अलग-अलग वजहें हो सकती हैं, जिनमें यीस्ट या फंगल इंफेक्शन, योनि के भीतर गुड और बैड बैक्टीरिया का असंतुलन, ट्राइकोमोनास जैसे परजीवी संक्रमण या फिर बाजार में मिलने वाले सेंट वाले साबुन, केमिकल युक्त इंटीमेट वॉश और परफ्यूम वाले प्रोडक्ट्स से होने वाली एलर्जी शामिल है। इसके अलावा, प्राइवेट पार्ट के आसपास ज्यादा नमी और पसीना बने रहना, लंबे समय तक गीले कपड़े या बहुत ज्यादा टाइट सिंथेटिक अंडरगारमेंट्स पहनना तथा शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी इस समस्या को तेजी से बढ़ावा देते हैं।

इस संक्रमण के मुख्य प्रकारों में सबसे पहला यीस्ट या फंगल इंफेक्शन है, जिसमें कैनडीडा नामक फंगस की अतिवृद्धि के कारण तेज खुजली, लालिमा और सफेद, गाढ़ा दही जैसा डिस्चार्ज होता है। दूसरा कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन या बैक्टीरियल वैजिनोसिस है, जिसमें गुड बैक्टीरिया घटने पर पतला डिस्चार्ज और तेज बदबू आती है। तीसरा कारण ट्राइकोमोनास है, जो एक सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) है और इसमें पीले-हरे रंग का बदबूदार डिस्चार्ज व पेशाब में तकलीफ हो सकती है।

बचाव के अचूक उपाय और डॉक्टर से कब लें सलाह

वुल्वोवजाइनल इंफेक्शन का इलाज पूरी तरह से इसके सटीक कारण पर निर्भर करता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बुद्धिमानी भरा कदम है। यीस्ट इंफेक्शन के मामलों में डॉक्टर एंटीफंगल दवाएं या मलहम देते हैं, जबकि बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता होती है। ट्राइकोमोनास जैसे संक्रमण में विशेष एंटीपैरासिटिक दवाएं दी जाती हैं और कई बार संक्रमण के दोबारा फैलने से रोकने के लिए पार्टनर का इलाज कराना भी जरूरी होता है। इसके घरेलू और दैनिक बचाव के लिए सेंट वाले या हार्श केमिकल वाले साबुन और सुगंधित इंटीमेट वॉश का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

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प्रभावित हिस्से को हमेशा साफ और सूखा रखें और कभी भी बिना डॉक्टर की चिकित्सकीय सलाह के कोई भी ओवर-द-काउंटर दवा या क्रीम खुद न लगाएं। वजाइना की नेचुरल साफ-सफाई के लिए केवल सादे और गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें। यदि लगातार खुजली, जलन, असामान्य डिस्चार्ज, तेज बदबू या असहनीय दर्द की समस्या बनी रहे, तो तुरंत किसी योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर सही इलाज शुरू करवाएं।

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