रोज 50 गैलन खून साफ करने वाली किडनी को रखना है हेल्दी? डाइट में शामिल करें ये 6 सुपरफूड्स

foods for kidney health: मानव शरीर में किडनी चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर रक्त को शुद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। आपको जानकर अचरज होगा कि यह अंग प्रतिदिन लगभग 50 गैलन खून को फिल्टर करके अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है और तरल पदार्थों का बैलेंस बनाए रखता है।
इसी फिल्टरेशन प्रक्रिया के दम पर पूरा शरीर सुचारू रूप से काम कर पाता है। अमूमन लोग किडनी के स्वास्थ्य पर तब तक ध्यान नहीं देते जब तक कि कोई गंभीर लक्षण या समस्या सामने न आ जाए। राहत की बात यह है कि संतुलित आहार में कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल कर शरीर की इस प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।
नींबू पानी से बेहतर हाइड्रेशन और पथरी से बचाव
गुर्दों की कार्यक्षमता को दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त हाइड्रेशन सबसे बुनियादी जरूरत है। नियमित अंतराल पर नींबू पानी का सेवन किडनी के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होता है क्योंकि यह कई लोगों में पथरी बनने की आशंका को कम करने में सहायक है। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रहने से यूरिन आउटपुट बेहतर होता है जिससे किडनी को अपशिष्ट तत्वों को बाहर निकालने में आसानी होती है।
चुकंदर से बेहतर ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में कमी
चुकंदर में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और बीटाइन जैसे मूल्यवान पादप यौगिक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व रक्त संचार को दुरुस्त करने के साथ पूरे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाने का काम करते हैं।
हालांकि जिन व्यक्तियों को किडनी की पुरानी या गंभीर बीमारी है उन्हें चुकंदर के सेवन से परहेज करना चाहिए क्योंकि इसमें प्राकृतिक तौर पर पोटेशियम का स्तर काफी अधिक होता है। किडनी रोगी कोई भी नया बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
रोजाना सेब का सेवन मेटाबॉलिज्म और कोलेस्ट्रॉल के लिए वरदान
प्रतिदिन एक सेब खाना समग्र स्वास्थ्य के साथ-साथ गुर्दों के लिए भी एक बेहतरीन फैसला है। सेब न केवल घुलनशील फाइबर का अच्छा स्रोत है बल्कि इसमें पाए जाने वाले एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय और मेटाबॉलिक हेल्थ दोनों को सुरक्षा देते हैं। इसका घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में प्रभावी भूमिका निभाता है जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
सल्फर यौगिकों से भरपूर लहसुन करेगा सूजन कम
लहसुन में पाए जाने वाले खास सल्फर यौगिक इसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से लैस करते हैं। यह भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ अंदरूनी सूजन को कम करने में मददगार है। किडनी की सुरक्षा के लिहाज से लहसुन का उपयोग करते समय भोजन में अतिरिक्त नमक की मात्रा को सीमित रखना जरूरी है।
कम पोटेशियम वाली पत्तागोभी है किडनी फ्रेंडली विकल्प
पत्तागोभी को गुर्दों के स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त सब्जियों में गिना जाता है क्योंकि अन्य सब्जियों की तुलना में इसमें पोटेशियम की मात्रा काफी कम होती है। विटामिन सी, विटामिन के, फाइबर और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर यह सब्जी कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाती है। इसे हल्का स्टीम करके, सूप के रूप में या कम तेल में पकाकर आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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तरबूज से नेचुरल डिटॉक्स और हाइड्रेशन बूस्ट
तरबूज में लगभग 90 प्रतिशत पानी की मात्रा पाई जाती है जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने का एक बेहतरीन प्राकृतिक माध्यम है। इसके अलावा तरबूज में लाइकोपीन और विटामिन सी जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो इम्यून सिस्टम और सेल्यूलर हेल्थ को मजबूत करते हैं। हालांकि क्रोनिक किडनी रोग (CKD) से जूझ रहे मरीजों को तरबूज का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक या डाइटिशियन से परामर्श जरूर लेना चाहिए।



