‘तेल की एक बूंद नहीं गुजरने देंगे…’ ईरान की होर्मुज ब्लॉक करने की चेतावनी, दुनिया भर में मचा हड़कंप

Strait of Hormuz Blockade: अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक अहम मोड़ पर पहुँच गया है, और इसके गंभीर असर ग्लोबल मार्केट में पहले ही महसूस किए जा रहे हैं। अमेरिका की नई, कड़ी आर्थिक पाबंदियों के जवाब में ईरान ने दुनिया को सीधी चेतावनी दी है।
ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रेज़ाई ने साफ़ तौर पर कहा है कि जो भी देश अमेरिका की पाबंदियों में सहयोग करेगा, उसे युद्ध की कार्रवाई करने वाला माना जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका का आर्थिक युद्ध जारी रहा, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की एक भी बूंद नहीं गुजरने दी जाएगी। बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है।
अमेरिका की नई पाबंदियां और ईरान का आक्रामक रुख
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव काफी बढ़ गया है। उम्मीद है कि अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट आज नए, कड़े कदमों की घोषणा करेंगे। अमेरिका एक बड़े स्तर का आर्थिक युद्ध लड़ रहा है जिसका मकसद ईरान को ग्लोबल स्तर पर पूरी तरह अलग-थलग करना है।
आक्रामक रुख अपनाते हुए, ईरान के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के ज़रिए सीधी चेतावनी जारी की। रेज़ाई ने कहा, “अगर अमेरिका कुछ खास कदम उठाता है, तो हम बहुत ज़्यादा आक्रामकता और भारी ताकत के साथ जवाब देंगे।” ईरान न केवल होर्मुज़ जलडमरूमध्य बल्कि खाड़ी में तेल ले जाने वाले अन्य रास्तों को भी निशाना बनाने के लिए तैयार है। इस बीच, ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने नियमों का उल्लंघन करने के लिए दर्जनों जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया है; इन जहाजों को भविष्य में प्रतिबंध या ज़ब्ती समेत भारी सज़ा का सामना करना पड़ सकता है।
सीधे हमले रुके, लेकिन तनाव का साया बरकरार
अमेरिकी नौसेना की देखरेख में इस क्षेत्र पर नज़र रखने वाले मल्टीनेशनल गठबंधन के अनुसार, पिछले 48 घंटों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कोई नया हमला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत कम स्तर पर है। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण, अब तक 70 से ज़्यादा कमर्शियल जहाजों को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं, जबकि तीन जहाजों को रोका गया है।
अमेरिका ने लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ, कनाडा बोला- अब जवाब भी उसी अंदाज में मिलेगा
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने तनाव कम करने की इच्छा जताई है और कहा है कि शांति समझौता ही इस संकट को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश सुप्रीम लीडर की नीतियों के अनुसार ही आगे बढ़ेगा।
तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित टकराव को टालने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई हैं। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर आज तेहरान पहुँच रहे हैं। पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज़ पर वापस लाने और बढ़ते तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।



