इंडो ट्रेड डील रद्द करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन लोकहित का प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन लोकहित ने प्रस्तावित इंडो ट्रेड डील का कड़ा विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यह डील भारतीय किसानों, पशुपालकों, डेयरी क्षेत्र, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों के खिलाफ है।

प्रदेश अध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि यदि विदेशी कृषि एवं डेयरी उत्पादों को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना भारतीय बाजार में प्रवेश दिया गया तो इसका सीधा नुकसान देश के किसानों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही बढ़ती लागत, कम फसल मूल्य, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में विदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाला कोई भी व्यापारिक समझौता किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि इंडो ट्रेड डील को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, किसानों से जुड़े किसी भी व्यापारिक समझौते को किसान संगठनों से व्यापक चर्चा के बिना लागू न किया जाए, भारतीय कृषि, डेयरी और ग्रामीण रोजगार को प्रभावित करने वाले सभी प्रावधान वापस लिए जाएं तथा किसानों की आय, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कृषि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

भारतीय किसान यूनियन लोकहित ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर इस डील को लागू करने का प्रयास करती है, तो संगठन देशभर में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष संदीप चौधरी के साथ कुशल चौधरी, युवा जिला अध्यक्ष राहुल त्यागी, बबलू कुमार, विजय कुमार, बृजकांत शर्मा, आदित्य कश्यप, सोनी प्रधान, रोहित कुमार, दीपांशु कुमार, आशु सिंह, सागर जिंदवाल, सनी वर्मा, सार्थक बंसल, हिमांशु चौधरी, नकुल चौधरी, कुलदीप चौधरी, उज्जवल चौधरी, हार्दिक चौधरी, अनुराग वर्मा, अलंकार अग्रवाल, प्रशांत वीरवाल एवं सोनू पाल सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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