जल निकासी का अभाव: दो बीघा सरकारी भूमि बनी तालाब
ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

जसवंतनगर,इटावा। कैस्त में गांव से कचौरा रोड की ओर जाने वाले खरंजे के किनारे स्थित करीब दो बीघा सरकारी भूमि वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रही है। पूरे गांव का गंदा एवं वर्षा का पानी इसी स्थान पर एकत्र हो जाता है, जिससे बरसात के दौरान आसपास के मकानों में जलभराव और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रामीण राहुल दीक्षित,ओविंद सिंह,राम प्रकाश,शैलेन्द्र कुमार, अवनीश कुमार,रामजीत, अतर सिंह,सुरेश गुप्ता, मंगल सिंह,सुरेंद्र सहित अन्य लोगों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए तहसील दिवस से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि गांव से करीब 200 मीटर दूर नदी है। यदि जलभराव वाले स्थान से नदी तक नाला बनवा दिया जाए तो वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि जल निकासी होने के बाद खाली होने वाली सरकारी भूमि पर पुस्तकालय,सामुदायिक भवन अथवा अन्य जनहित की सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे गांववासियों को स्थायी लाभ मिल सके।
प्रधान कमला देवी ने बताया कि यह कार्य ग्राम सभा के सीमित बजट से संभव नहीं है। इसके लिए ब्लॉक या जिला पंचायत स्तर से धनराशि स्वीकृत कराए जाने की आवश्यकता है।
वहीं ग्रामीण राम लखन प्रजापति ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने से लोगों का प्रशासन से भरोसा उठता जा रहा है। राहुल दीक्षित ने जनहित को देखते हुए प्रशासन से शीघ्र स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सरकारी भूमि का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की है।



