गांव में लगी उप संचालक चकबन्दी अदालत, 20 वादों का मौके पर हुआ निस्तारण

कोरिहर पंचायत भवन में आयोजित न्यायालय से ग्रामीणों को मिली त्वरित राहत

रायबरेली। उप संचालक चकबन्दी (पीठासीन अधिकारी)/अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव ने तहसील सदर के ग्राम कोरिहर स्थित पंचायत भवन में पहुंचकर चकबंदी न्यायालय का आयोजन किया। गांव में चल रही चकबंदी एवं कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही के क्रम में प्रभावित पक्षकारों द्वारा उप संचालक चकबन्दी न्यायालय में चक निगरानी वाद दायर किए गए थे, जिनकी सुनवाई के लिए न्यायालय स्वयं गांव पहुंचा।

इस दौरान उप संचालक चकबन्दी ने सभी पक्षकारों की बात गंभीरता से सुनी तथा प्रस्तुत अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर कुल 28 वादों की सुनवाई की। इनमें से 20 वादों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों को तत्काल न्यायिक राहत प्राप्त हुई। शेष वादों के शीघ्र एवं विधिसम्मत निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

उप संचालक चकबन्दी ने कहा कि न्याय लोगों के द्वार तक पहुंचे, यही शासन की प्राथमिकता है। गांव में न्यायालय आयोजित किए जाने से वादकारियों को बार-बार न्यायालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, समय एवं धन दोनों की बचत होगी तथा चकबंदी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनेगी।

उन्होंने चकबंदी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं न्यायसंगत तरीके से किया जाए। साथ ही चकबंदी अधिकारी एवं सहायक चकबंदी अधिकारी को भी निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक मामलों की सुनवाई गांव स्तर पर ही सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।

ग्रामीणों ने गांव में ही न्यायालय लगाए जाने की पहल का स्वागत करते हुए इसे प्रशासन की जनहितैषी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली बताया।

मौके पर चकबंदी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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