तूफान के चार दिन बाद भी नहीं सुधरी विद्युत आपूर्ति ! पानी के लिए दर-दर भटक रहे लोग

ऊँचाहार, रायबरेली। बीते बुधवार शाम आए भीषण तूफान के चार दिन बाद भी ऊंचाहार क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने से पूरे ऊंचाहार के गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। कुछ गांवों में प्रधान टैंकर से लोगों को पानी पहुंचा रहे हैं। लेकिन भीषण गर्मी में वह भी नाकाफी साबित हो रहा है।
बिजली न होने से नलकूप और सरकारी पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। हैंडपंपों का वाटर लेवल नीचे चला गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। ऊंचाहार देहात के ग्राम प्रधान निजी खर्च से टैंकर द्वारा गांव-गांव शुद्ध पेयजल भेज रहे है। हालात ये है कि टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोग टूट पड़ते है। कई जगह पानी को लेकर कहासुनी और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। सवैया हसन की सुमन देवी ने बताया, की घर में बूढ़ी सास हैं। चार दिन से नहाए नहीं। पीने का पानी कहीं से मिल जाता है, मगर कपड़े-बर्तन कैसे धोएं?
पशुओं के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। तालाब सूख गए हैं और नहर में पानी नहीं है।
बिजली विभाग की दशा ये है कि पूरे क्षेत्र में इतने पोल टूटे है कि पोल का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा विभाग के पास श्रमिकों की कमी है, अन्य संसाधन का अभाव है जिसके कारण लाइन दुरुस्त करने का काम नहीं हो पा रहा है। तूफान में विद्युत पोल तो टूटे ही साथ में विद्युत तार उड़कर आसपास पेड़ों में इस तरह लिपट गए है जैसे उन्हें किसी ने कसकर बांध दिया हो। ऐसे हालात में मरम्मत का कार्य बुरी तरह प्रभावित है। गांवों की स्थिति ये है कि मोबाइल तक चार्ज करने के लिए लोग ऊंचाहार नगर में भटकते रहते है। इस बीच चाइनीज सोलर लाइट की बिक्री भी बढ़ गई है।



