दो विद्यार्थियों ने जे आरएफ एवं दो नेट हेतु क्वालीफाई

अमेठी। रणवीर रणंजय पी जी कॉलेज, एम. कॉम के चार विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया। कॉमर्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर रणविजय सिंह के निर्देशन और निरंतर मार्गदर्शन में रिचिता पाण्डेय और सुरभि सिंह ने जे आरएफ औऱ प्रियाम्बिका सिंह, दिग्विजय सिंह ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण किया। विद्यार्थियों ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के उचित मार्गदर्शन को दिया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर कॉलेज प्राचार्य और महाविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता- राहुल पाण्डेय परासर
सुल्तानपुर। रामगढ़ क्षेत्र के रूपी का पूरा गांव में श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवे दिन रविवार को पूज्य कथा व्यास राहुल पाण्डेय परासर महाराज जी ने ध्रुव चरित्र और शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास परासर जी महाराज ने कपिल अवतार और सृष्टि की रचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता। कलियुग में दया, धर्म और भगवान का स्मरण ही सभी योनियों से मुक्ति दिलाता है।
उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रूप में लिया। परासर जी महाराज ने ध्रुव चरित्र और शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब पार्वती बड़ी हुईं तो हिमालय को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। देवर्षि नारद ने पार्वती को भगवान शिव के योग्य बताया। शिव को पार्वती के प्रति आकर्षित करने कामदेव को भेजा गया। लेकिन वे शिव को विचलित नहीं कर सके और शिव के क्रोध की अग्नि में भस्म हो गए। इसके बाद पार्वती ने कैलाश पर्वत पर तीन हजार साल तक तपस्या की। कथावाचक ने कहा कि विवाह एक पवित्र संस्कार है।
आधुनिक समय में लोग संस्कारों से दूर भाग रहे हैं। जैसे जीव के बिना शरीर निरर्थक होता है, वैसे ही संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता। कथा के अंत में मुख्य यजमान भगवान प्रसाद त्रिपाठी एवं इंदु त्रिपाठी ने व्यास पीठ की आरती उतारी। सत्यम त्रिपाठी परिजनों के साथ व्यवस्था में समर्पित रहे। इस अवसर पर कथा श्रवण हेतु सैकड़ो क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



