पुराने भ्रष्ट राशन डीलर को दोबारा दुकान आवंटन पर सवाल, गरीबों के हक से खिलवाड़ का आरोप

गाजियाबाद। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि भ्रष्टाचार के उद्देश्य से एक पुराने, आरोपित राशन डीलर को पुनः दुकान आवंटित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित डीलर के खिलाफ वर्ष 2018 में एफआईआर दर्ज की गई थी, जब फर्जी राशन डीलरों का बड़ा घोटाला उजागर हुआ था।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2018 में जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में कुल 195 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। इनमें 102 राशन डीलर, 4 ऑपरेटर, 77 आधार कार्ड धारक उपभोक्ता और 14 राशन कार्ड धारक शामिल थे। इसके बावजूद, अब उसी पुराने भ्रष्ट डीलर को दोबारा दुकान दिए जाने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आरोप है कि इस पुनः आवंटन का उद्देश्य कालाबाजारी को बढ़ावा देना है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लाभार्थियों का राशन छीना जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार्जशीट जारी होने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक न करना और कार्रवाई न होना न्याय की भावना के विपरीत है।

प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भ्रष्ट राशन डीलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे आरोपित व्यक्तियों को दोबारा दुकान आवंटित न की जाए, ताकि गरीबों के अधिकारों की रक्षा हो सके और पीडीएस व्यवस्था में विश्वास बहाल किया जा सके।

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