उत्तर प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर की रामपुर में प्रेस कांफ्रेंस

मंडल मुरादाबाद प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर।देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो जनता को अबकी बार दिवाली का उपहार दिया है, नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी लागू करके देश के 140 करोड़ जनता को लाभान्वित किया है।।
उन्होंने कहा, रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अब सरकार ने अधिकांश खाद्य पदार्थों को 5% या शून्य टैक्स स्लैब के तहत लाकर खाद्य सामर्थ्य बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जैसा कि पराठा, परोटा और रोटी जैसी प्रमुख भारतीय ब्रेड को जीएसटी से छूट में देखा गया है, जो आवश्यक घरेलू खाद्य पदार्थों के रूप में उनकी स्थिति को दर्शाता है।
खिलौनों और खेल उत्पादों के लिए जीएसटी को तर्कसंगत बनाना
- बाल विकास और एमएसएमई विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण खिलौना उद्योग को जीएसटी कम होने से लाभ हुआ है।
- खिलौनों और खेल के सामान पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया।
- यह खिलौनों को अधिक किफायती बनाता है, खेल के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को प्रोत्साहित करता है। बचपन
- यह घरेलू और युवा एमएसएमई खिलौना निर्माताओं का समर्थन करके “वोकल फॉर लोकल” पहल भी होगी।
औपचारिक शिक्षा पर जीएसटी छूट
स्कूल और विश्वविद्यालय शिक्षा को जीएसटी से पूरी तरह छूट दी गई है। लाभों के विस्तार में अब आवश्यक शिक्षण सामग्री और बाल देखभाल उत्पाद भी शामिल हैं, जिससे भारतीय परिवारों के लिए शिक्षा और पालन-पोषण अधिक किफायती हो गया है और हमारे देश के भावी युवाओं का बेहतर पालन-पोषण हो रहा है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी छूट
इससे युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए प्रीमियम सस्ता हो जाएगा और स्वास्थ्य बीमा को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे जेब से होने वाले चिकित्सा व्यय में कमी आएगी।
दवाओं और औषधियों के लिए जीएसटी युक्तिकरण
दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5%/शून्य कर दिया गया है। इससे विभिन्न आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी आएगी और मरीजों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
यह कदम होगा:
- दीर्घकालिक बीमारियों के लिए दीर्घकालिक उपचार की सामर्थ्य को बढ़ाना।
- घरेलू सामर्थ्य सुनिश्चित करते हुए, विशेष रूप से जेनेरिक दवाओं के लिए, “विश्व की फार्मेसी” के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करना।
- इसके अलावा, दवा उत्पादों के विनिर्माण से संबंधित जॉब वर्क की आपूर्ति पर जीएसटी भी 12% से घटाकर 5%
- युवा-नेतृत्व वाले एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चमड़ा, जूते, कपड़ा, हस्तशिल्प और खिलौनों पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया।
- शिक्षा की लागत कम करने के लिए पेंसिल, रबड़ और अभ्यास पुस्तिका जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री को जीएसटी मुक्त कर दिया गया।
- जिम/फिटनेस सेंटरों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया, जिससे फिटनेस अधिक किफायती और सुलभ हो गई।
- दोपहिया वाहनों (≤350 सीसी) और छोटी कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया, जिससे युवाओं की गतिशीलता बढ़ेगी।
- सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया, जिससे बुनियादी ढांचे की लागत कम हो गई। आवास और
- दवाओं पर जीएसटी घटाकर 5%/शून्य कर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवा सस्ती हो गई है, जबकि स्वास्थ्य बीमा को जीएसटी से छूट दी गई है।
- ड्रोन पर एक समान 5% जीएसटी लागू किया गया, जिससे स्टार्टअप्स और मेक इन इंडिया पहल को समर्थन मिला।
- यूएचटी दूध, रोटी, पराठा, पनीर और पैकेज्ड स्नैक्स जैसी दैनिक खाद्य वस्तुओं को 5% या शून्य जीएसटी के दायरे में लाया गया, जिससे घरेलू खर्च आसान हो गया।
- सुधारों से युवाओं और परिवारों के लिए सामर्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और जीवन की सुगमता को बढ़ावा मिलता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार, सदर विधायक आकाश सक्सेना, मिल्क विधायक राजबाला, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, ब्लॉक प्रमुख जगपाल यादव, अर्चना गंगवार, कुलवंत औलख, मोहित सैनी, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन रस्तोगी, अशोक बिश्नोई, रविंद्र सिंह रवि, सतनाम सिंह, मोहन कुमार लोधी, पंकज लोधी, कुंवर बहादुर लोधी, अजीत गौतम, रवि रोहिल्ला, नदीम खान, राजू सुमन, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।।
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